दौसाः राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यात्रियों से भरी बस और ट्रक में टक्कर की वजह से वाहन में आग लग गई जिसकी चपेट में यात्री आ गए। इस भयावह हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई और दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह भयानक टक्कर कोलावा पुलिस स्टेशन इलाके के द्वारपुरा गांव के पास हुई, जिसके बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, बस हरिद्वार से इंदौर जा रही थी और उसमें 39 यात्री सवार थे, तभी वह एक ट्रक से टकरा गई।
टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि बस कुछ ही पलों में आग की लपटों में घिर गई। माना जा रहा है कि बस में सवार ज़्यादातर यात्री मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। दुर्घटना के कारण दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। बचाव कार्यों को सुविधाजनक बनाने और दुर्घटना स्थल को खाली कराने के लिए पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया। जब तक आपातकालीन टीमों ने अपना काम पूरा नहीं कर लिया, तब तक यातायात प्रबंधन के उपाय लागू रहे। इस बीच, जांचकर्ताओं ने टक्कर के सटीक कारणों की जांच शुरू कर दी है। इससे पहले 27 जून को, राजस्थान के कोटपूतली के पास दिल्ली-जयपुर हाईवे पर दूध का एक टैंकर पलट गया, जिससे हज़ारों लीटर दूध सड़क पर फैल गया और कुछ ही मिनटों में भारी भीड़ जमा हो गई।
घटना के वीडियो ऑनलाइन वायरल हुए, जिनमें लोगों को क्षतिग्रस्त वाहन से बह रहे दूध को इकट्ठा करने के लिए बाल्टी, बोतल, कैन और अन्य बर्तन लेकर आते देखा गया। इस अनोखे दृश्य ने तेज़ी से लोगों का ध्यान खींचा और कई लोग उत्सुकतावश वहां रुक भी गए। इस दुर्घटना में न सिर्फ़ काफ़ी मात्रा में दूध बर्बाद हुआ, बल्कि व्यस्त हाईवे पर ट्रैफ़िक भी बाधित हुआ। जहां एक ओर राहगीर घायल ड्राइवर की मदद के लिए दौड़े, वहीं दूसरी ओर कई लोग पलटे हुए टैंकर के आस-पास जमा हो गए ताकि जितना हो सके उतना दूध इकट्ठा कर सकें। कुछ देर के लिए वहाँ अफरा-तफरी का माहौल बन गया, क्योंकि लोग जो कुछ भी मिल रहा था, उसे इकट्ठा करने की कोशिश में इधर-उधर भाग रहे थे।

