रुद्रपुर: भारत सरकार के बायोफ्लूय कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को लेकर जहां तरह-तरह की चर्चाएं सुनने को मिल रही है। दरअसल, रुद्रपुर के ऊधमसिंह नगर में एचपी पेट्रोल पंप पर गंभीर आरोप लगे हैं। जहां पेट्रोल पंप पर उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब इस पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाने के बाद दर्जनों बाइक कुछ ही दूरी पर जाने के बाद बंद हो गईं, जिसे लेकर बाइक सवारों ने पेट्रोल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पेट्रोल में अत्यधिक इथॉनोल या किसी अन्य तरल पदार्थ की मिलावट का आरोप लगाया है। जब शक होने पर बाइकों की टंकी से पेट्रोल निकालकर देखा गया, तो उसका रंग अलग-अलग दिखाई दिया।
मौके पर जब कुछ बाइकों से पेट्रोल निकालकर देखा गया तो उसका रंग अलग-अलग दिखाई दिया, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। बढ़ते विवाद के बीच पेट्रोल पंप प्रबंधन ने प्रभावित उपभोक्ताओं को निकाले गए पेट्रोल के पैसे वापस कर दिए। हंगामे के दौरान पेट्रोल पंप के सेल्स मैनेजर ने कुछ बाइकों के टैंक से पेट्रोल निकालकर दिखाया। पेट्रोल अलग-अलग रंग का दिखाई देने पर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। बाइक सवारों ने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ियों में मिलावटी पेट्रोल भरा गया है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। मामला बढ़ता देख पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने स्वीकार किया कि पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा अधिक होने के कारण कुछ वाहनों में दिक्कत आ रही है।
इसके बाद प्रबंधन ने जिन उपभोक्ताओं की बाइकों से पेट्रोल निकाला गया, उन्हें उतनी राशि वापस कर दी। हालांकि इस पूरे मामले ने पेट्रोल की गुणवत्ता और ईंधन की जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा हैकि फिलहाल पेट्रोल पंप प्रबंधन ने प्रभावित लोगों को पैसे वापस कर दिए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी विनोद तिवारी ने बताया पेट्रोल पंप पर मिलावट पेट्रोल बेचने की शिकायत मिली थी, तत्काल पेट्रोल पंप को बंद करा दिया गया है, अब जांच की जा रही है उसके बाद आगे की कार्रवायी की जाएगी। बता दें कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाना भारत सरकार का एक प्रमुख बायोफ्यूल कार्यक्रम है, जिसके तहत कच्चे तेल के आयात को कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंड किया जाता है। भारत में वर्तमान में E20 (20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल) का इस्तेमाल व्यापक रूप से हो रहा है।

