अमृतसरः श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने आम आदमी पार्टी के सिख मंत्रियों और विधायकों के साथ हुई बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अपमान से संबंधित कानून में पंथ द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर खुले और गंभीर माहौल में चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि पंजाब विधान सभा के सिख मंत्रियों और विधायकों ने एक महीने के भीतर अकाल तख्त साहिब द्वारा सुझाए जाने वाले संशोधनों पर विचार कर लागू करने का भरोसा दिया है। ग्यानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि पंथ किसी भी हालत में अपने धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं कर सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि 13 अप्रैल को पारित किए गए अपमान कानून में कुछ ऐसी धाराएं शामिल की गई हैं जो अकाल तख्त साहिब और पंथ के अधिकार में हस्तक्षेप करती हैं। उन्होंने कहा कि अपमान करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन धार्मिक मर्यादा और पंथक अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। जत्थेदार ने कहा कि बैठक के दौरान कई विधायकों ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने कानून पढ़े बिना ही उसे पारित किया था।
उन्होंने इसे बड़ी लापरवाही बताते हुए कहा कि सभी आपत्तियों पर सहमति बनी है और एक महीने के भीतर उन्हें दूर करने का भरोसा दिया गया है। उन्होंने बताया कि संशोधन होने तक कानून को लागू न करने पर भी सहमति बनी है। कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मांग की कि अगर कोई सिख विरोधी डेरे का अनुयायी जानबूझकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का अपमान करता है तो केवल उसे ही दोषी ही नहीं माना जाए, बल्कि संबंधित डेरे के मुखिया के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था कानून में शामिल की जाए। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब की मान-मर्यादा और पंथक हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा और आज की बैठक गंभीर और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई है।

