नई दिल्ली: घर की रसोई केवल भोजन बनाने की जगह नहीं होती, बल्कि इसे सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र भी माना जाता है। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार रसोई में की गई छोटी-छोटी आदतें भी घर के वातावरण पर असर डाल सकती हैं। यही वजह है कि सुबह खाना बनाने से पहले रसोई की साफ-सफाई का सही क्रम अपनाने की सलाह दी जाती है।
मान्यता है कि यदि दिन की शुरुआत स्वच्छ और व्यवस्थित रसोई से की जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है। वहीं गंदे चूल्हे या अव्यवस्थित किचन में भोजन बनाना वास्तु की दृष्टि से शुभ नहीं माना जाता।
सुबह खाना बनाने से पहले गैस चूल्हा करें साफ
वास्तु शास्त्र में गैस चूल्हे को अग्नि तत्व का प्रतीक माना गया है। अग्नि देव का संबंध ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि से जोड़ा जाता है। इसलिए सुबह रसोई में प्रवेश करने के बाद सबसे पहले गैस चूल्हे की सफाई करना शुभ माना जाता है।
यदि चूल्हे पर पिछले दिन के दूध, चाय, तेल या भोजन के दाग लगे हों और बिना साफ किए उसी पर खाना बनाना शुरू कर दिया जाए, तो इसे वास्तु के अनुसार उचित नहीं माना जाता। साथ ही रातभर में धूल, कीटाणु और सूक्ष्म जीव भी जमा हो सकते हैं। इसलिए साफ कपड़े से चूल्हे को अच्छी तरह साफ करने के बाद ही चाय या भोजन बनाना बेहतर माना जाता है।
इसके बाद किचन स्लैब की करें सफाई
गैस चूल्हा साफ करने के बाद किचन स्लैब को साफ करना चाहिए। यही वह स्थान है जहां सब्जियां काटी जाती हैं, मसाले रखे जाते हैं और भोजन तैयार करने की अधिकांश प्रक्रिया होती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार गंदी और बिखरी हुई रसोई नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती है। इसलिए स्लैब को रोज सुबह साफ और व्यवस्थित रखना शुभ माना जाता है। इससे न केवल स्वच्छता बनी रहती है, बल्कि रसोई का वातावरण भी सकारात्मक बना रहता है।
सिंक की सफाई सबसे आखिर में करें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार सिंक का संबंध जल तत्व से माना जाता है। इसलिए चूल्हे और स्लैब की सफाई के बाद अंत में सिंक को अच्छी तरह साफ करना चाहिए।
यदि रातभर गंदे बर्तन सिंक में पड़े रहें या वहां से बदबू आए, तो इसे वास्तु दोष माना जाता है। सुबह सिंक धोने और उसे साफ रखने से रसोई में स्वच्छता बनी रहती है और सकारात्मक वातावरण का संचार होता है।
क्यों जरूरी है सही क्रम?
वास्तु शास्त्र में सफाई का क्रम भी महत्वपूर्ण माना गया है। कई लोग बिना किसी क्रम के पहले सिंक, फिर स्लैब और बाद में गैस चूल्हा साफ करते हैं। हालांकि मान्यता है कि पहले अग्नि तत्व यानी गैस चूल्हे, फिर भोजन तैयार करने वाली जगह यानी स्लैब और अंत में जल तत्व यानी सिंक की सफाई करना अधिक शुभ होता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने और आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलने की मान्यता है।
हालांकि स्वच्छता के लिहाज से भी यह आदत उपयोगी मानी जाती है, क्योंकि साफ रसोई में भोजन बनाना स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है।
Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में वर्णित मान्यताओं पर आधारित है। इन दावों की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं की जा सकती। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपनी समझ और आवश्यकता के अनुसार निर्णय लें।

