चंडीगढ़ः पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमत करीब 50 फीसदी बढ़ चुकी है। इससे तेल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा था और उन्हें हर महीने 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था। वहीं मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब भारत में भी साफ़ दिख रहा है। वहीं 15 मई की सुबह तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी की। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रधान व कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके केंद्र सरकार पर जमकर निशाने साधे।
केंद्र सरकार के फैसलों का खंडन करते हुए कहा कि पहले लोगों से उनके खातों में 15 लाख रुपये जमा करने, 2 करोड़ नौकरियां प्रदान करने और किसानों की आय दोगुनी करने के वादे किए गए थे, लेकिन आज स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के बजाय अपने फैसलों से उन पर और बोझ डाल रही है। मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि धान के मौसम में, जब किसानों को पानी, बुवाई और खेती के लिए भारी खर्च करना पड़ता है, तब पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाना किसानों और आम जनता की जेब पर सीधा प्रहार है।
प्रेस वार्ता के दौरान अमन अरोड़ा ने कहा कि बंगाल चुनाव के अगले दिन ही केंद्र सरकार ने गैस सिलेंडर की कीमतों में सीधे 900 रुपए बढ़ाए और आज पेट्रोल डीजल की कीमतों में 3 रुपये से ज्यादा की बढ़ोत्तरी कर दी। अरोड़ा ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई से लोग परेशान हैं और कभी सड़कों पर उतर सकते हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार विदेशों के साथ संबंध बनाने के साथ-साथ डोमेस्टिक सिस्टम भी फेल है। अमन अरोड़ा का कहना है कि पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ने का असर पूरे सिस्टम पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई बढ़ेगी और आम लोगों पर परेशानी होगी।
अमन अरोड़ा का कहना है कि केंद्र सरकार आज वर्कफ्राम होम बोल रही है कल को कहेगी कि हम सभी को आटा दे रहे हैं दाल दे रहे हैं तुम काम भी मत करो घर में ही रहो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की इस तरह की अपील करना उनकी फेलियर है। अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य में एआईआर से आम आदमी पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी को एसआईआर करने वालों पर आपत्ति है। उनका कहना है कि इलेक्शन कमिशन बीजेपी के एजेंट के तौर पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों पर भी कोई शक नहीं है क्योंकि वोटर लिस्ट का प्रकाशन तो केंद्र को ही करना है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी ऐसा ही हुआ है। अरोड़ा का आरोप है कि इलेक्शन कमिशन की नियत पर उन्हें शक है। एक्सरसाइज पर कोई डाउट नहीं है।

