लुधियानाः सिविल अस्पताल में पुलिस कस्टडी से आरोपी फरार हो गया। इस घटना को लेकर पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। मिली जानकारी के अनुसार आर्म्स एक्ट के एक दिन पहले आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस आरोपी को मेडिकल करवाने सिविल अस्पताल लाई थी और वो वहीं से 2 साथियों के साथ फरार हो गया। फरार आरोपी विपन कुमार कपूरथला का रहने वाला है और लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर पांच की पुलिस ने उसे फिरोजपुर रोड से दो साथियों समेत गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों से अवैध हथियार भी बरामद किए थे।
पुलिस तीनों आरोपियों का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवा रही थी, इसी दौरान वो चकमा देकर वहां से निकला और पार्किंग में व्हीकल्स के बीच से फरार हो गया। आरोपी भागते हुए अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि वो पार्किंग वाहनों के बीच से भी भागते हुए जाता हुआ दिख रहा है। जब वो सिविल अस्पताल के मेन गेट पर पहुंचा तो उस समय वहां पर काफी भीड़ थी। बाहर निकलते ही वह इस्लाम गंज की तरफ चले गया। जब तक पुलिस कर्मियों को उसकी भनक लगी और उन्होंने पीछा करना शुरू किया, तब तक आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाके का फायदा उठाकर भाग चुका था।
पुलिस उसे ढूंढती रही लेकिन वह दोबारा पुलिस के हाथ नहीं लगा। सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में आरोपी विपन कुमार साफ तौर पार्किंग में वाहनों के बीच से रास्ता बनाकर अस्पताल की मुख्य सड़क की तरफ दौड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस इस फुटेज के आधार पर उस रूट को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है, जिससे आरोपी भागा है। आसपास के दुकानदारों और ऑटो चालकों से भी पूछताछ की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी पैदल ही भागा है या उसने किसी वाहन का सहारा लिया। पुलिस ने अब आरोपी विपन कुमार के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर दो में एक नया आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की कई टीमें अब उसकी दोबारा गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार आरोपी ने पुलिस को मेडिकल करवाने से पहले कहा था कि उसे गंभीर बीमारी है। इसी वजह से पुलिस ने मेडिकल के दौरान उसे अन्य दो आरोपियों से अलग रखा ताकि उसका सही से परीक्षण करवाया जा सके। थाना डिवीजन नंबर 5 की पुलिस ने तीनों आरोपियों को मेडिकल के पास कोर्ट में पेश करके रिमांड हासिल करनी थी। लेकिन विपन कुमार पहले ही फरार हो गया। पुलिस ने बाकी दो आरोपियों का मेडिकल करवाकर उन्हें कोर्ट में पेश करके रिमांड हासिल कर दी है। फरार आरोपी विपन कुमार कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि वह एक अंतरराज्यीय रैकेट या गंभीर अपराध की साजिश का हिस्सा माना जा रहा था।
महज एक दिन पहले, यानी 23 जून 2026 को थाना डिवीजन नंबर पांच की पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर होटल कॉप, फ़िरोज़पुर रोड के पास से एक सफेद रंग की लग्जरी फॉर्च्यूनर गाड़ी को घेराबंदी करके पकड़ा था। इस गाड़ी में विपन कुमार अपने दो अन्य साथियों विकास (निवासी फिरोजपुर) और परविंदर सिंह (निवासी फिरोजपुर) के साथ सवार था। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से एक .32 बोर का अवैध रिवॉल्वर (6 जिंदा कारतूसों के साथ), एक .32 बोर की अवैध पिस्टल (6 जिंदा कारतूसों के साथ), दो फर्जी नंबर प्लेटें (नंबरः BR01FQ-9500) बरामद की थीं। जांच में यह भी सामने आया था कि इन आरोपियों ने एक रेंट-ए-कार कारोबारी से प्रतिदिन 6,000 रुपये के किराए पर यह फॉर्च्यूनर गाड़ी ली थी और फर्जी नंबर प्लेटें लगाकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस ने इनके खिलाफ बीएनएस की 316(2), 318(4), 3(5) BNS और 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में पर्चा दर्ज किया था।

