लुधियानाः देशभर में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर लगातार सूबे की सियासत गरमाई हुई है। इसी बीच लुधियाना कचहरी के बाहर आम आदमी पार्टी (AAP) के वर्कर एक अनोखा और बेहद आक्रामक प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारी हाथ में अपने खून से लिखा हुआ मांग पत्र लेकर सड़कों पर उतरे और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।
वर्कर ने कहा कि पंजाब आ रहे भाजपा के राष्ट्रीय नेता नितिन नवीन का वे किसी भी तरह का विरोध या काले झंडे दिखाकर रास्ता नहीं रोक रहे हैं। हम अतिथि का स्वागत करते हैं लेकिन देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ हुआ है, उस पर जवाब मांगे बिना हम चुप नहीं बैठेंगे।
वर्कर विशाल ने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक स्टंट मानने से इनकार करते हुए इसे भ्रष्टाचार का सबसे गंदा रूप करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चंद पैसों की भूख के लिए पेपर लीक करने वाले माफियाओं ने देश के 23 लाख छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है। आज आजादी के 75 साल बाद भी भारत का युवा सड़कों पर धक्के खाने को मजबूर है जबकि यूरोप, जापान, अमेरिका और चीन जैसे देश विकास की नई ऊंचाइयां छू रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। और पीड़ित परिवारों को 2 करोड़ या सरकारी नौकरी देने चाइए पेपर लीक और मानसिक तनाव के कारण जिन भी छात्रों ने सुसाइड (आत्महत्या) जैसा आत्मघाती कदम उठाया है, उनके परिवारों को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा या सरकारी नौकरी दी जाए।
