अबोहरः गांव ढींगावाली में एक भाई द्वारा अपने ही सगे भाई की जमीन में जाता पानी का खाला तोड दिया गया। जिससे किसान की फसलें तो बर्बाद हुई ही साथ ही जमीन भी दो माह से पानी न लगने के कारण बंजर हो गई है। पीडित किसान ने परिवार सहित नहरी विभाग के एक्सईएन के कार्यालय बाहर आत्महत्या करने की चेतावनी दी है।
इस बारे में जानकारी देते हुए बुजुर्ग किसान कृष्ण कुमार ने बताया कि वह तीन भाई है और उनकी सांझी जमीन में से 2 एकड़ 5 कनाल जमीन की गिरदावरी और कब्जा उसकी पत्नी सरोज देवी के पास है। वे पिछले लंबे समय से खेती करने आ रहे हैं उसने बताया कि उसका भाई लेखराज उनके हिस्से की जमीन पर कब्जाना चाहता है, इसी लिए करीब 2 माह पहले उसने उनके खेत में सिचांई करने वाले खाले को तोड दिया जिस कारण 2 माह से उनके खेत में पानी की बारी नहीं लग सकी। पहले जहां नरमे की फसल तबाह हो गई थी वहीं अब सिंचाई न होने से वह गेंहू की बिजाई भी नहीं कर सके जबकि उनके परिवार पर भुखे मरने की नौबत आ चुकी है और उन्होनें पहले ही बैंक व अन्य लोागों का कर्ज देना है।
पीडित कृष्ण ने बताया कि वे इस खाले को तोडने के बारे में नहरी विभाग के एक्सईएन से 2, 3 बार लिखत में शिकायत भी कर चुके हैं और एक्सईएन ने इसे मार्क भी किया था लेकिन इसके बावजूद आज तक न तो खाला बनवाया और न ही खाला तोडने पर कार्रवाई की।
पीडित ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शीघ्र ही उनके इस मसले का समाधान न किया गया तो वह, उसकी पत्नी सरोज देवी और बेटा विजय कुमार एक्सईएन कार्यालय के बाहर आत्महत्या कर लेगें।
इधर इस बारे में दूसरे पक्ष के लेखराज से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन नही उठाया। वहीं इस बारे में एक्सईएन सुखजीत सिंह से बात करने पर उन्होंनें बताया कि उनके पास खाले का मामला आया है जिसका केस तैयार किया गया है। पिछले दिनों मिमिस्ट्रीय स्टाफ की हडताल चल रही थी अब इन दोनों पक्षों को 29 दिसंबर की तारीख सुनवाई के लिए दी गई है। यह सुनवाई एक्सईएन कोर्ट में होनी है। दोनों धिरों का पक्ष सुनने के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी।
