अबोहर: गांव तेलूपुरा निवासी दो सगे भाइयों की बीती रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों के शव सेमनाले के पास से बरामद हुए हैं। इस मामले में मृतकों के पिता ने एक बड़ा खुलासा किया है। पिता के अनुसार दोनों भाइयों की नशे की ओवरडोज के कारण मौत हो गई है। जिसके बाद थाना खुईयां सरवर पुलिस द्वारा मृतकों के शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाते हुए पिता के बयानों पर जांच की जा रही है। मृतक के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि उसके दोनों बेटे कल सिविल अस्पताल से ब्रूफेन की गोली लेने के लिए गए थे, लेकिन शाम को घर नहीं लौटे। उन्हें पड़ोसियों ने बताया कि दोनों सेमनाले के निकट पड़े हैं। उनके दोनों बेटे पिछले करीब 10 साल से नशा करने के आदि थे। इसीलिए वह नशा छोड़ने के लिए सिविल अस्पताल से गोली ले जाया करते थे। उन्हें नहीं पता कि उन्होंने चिट्टे का टीका लगाया है या ब्रूफेन की गोली का टीका लगाया है।
लेकिन दोनों की मौत नशे की ओवरडोज से ही हुई है। उन्होंने बताया कि मरने वाले बेटों में से एक दिल्ली में टेक्निकल इंजीनियर था और दूसरा कंप्यूटर की दुकान चलाता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सुबह सेमनाले के पास दो जवान युवकों के शव पड़े देखकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही खुईयां सरवर थाने के प्रभारी परमजीत सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों की बॉडी नर सेवा नारायण सेवा समिति संस्था के जरिये सरकारी अस्पताल पहुंचाई।
दोनों युवकों की पहचान 25 साल के राहुल और 26 साल के सुशील कुमार के रूप में हुई। यह दोनों ही तेलूपुरा गांव में रहने वाले ओम प्रकाश के बेटे थे। दोनों के मुंह से खून निकल रहा था। थाना प्रभारी परमजीत सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद मौत का कारण सामने आएगा। वहीं, परिजनों के बयान पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद पिता ने दोनों की मौत नशे की ओवरडोज के चलते होना बताया है। विधायक संदीप जाखड़ ने कहा कि मेरे गांव से करीब 4 किलोमीटर दूरी पर दो सगे भाइयों के शव मिलने की सूचना मिली थी। जिनकी मौत नशे की ओवरडोज से हुई है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री सहित राजनीतिक नेताओं को ट्वीट के माध्यम से नशे के खिलाफ जागने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि अगर पंजाब के युवाओं को नशे से बचाना है तो सभी राजनीतिक पार्टियों को एकजुट होकर बैठक करनी चाहिए। राजनीति से ऊपर उठकर नशे के खिलाफ कदम उठाने चाहिए। सभी राजनेताओं को नशे के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है। समाजसेवी गगन चुघ ने कहा कि नशे से दो सगे भाइयों की मौत की घटना मंदभागी है। नशा बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। नशे को खत्म करने के लिए समाज में सभी लोगों के सहयोग की जरूरत है। आज जो दूसरे के घर नशे से मौत हुई है, कल अपने घर भी नशा पहुंच सकता है। इसलिए चुप रहने की बजाय नशा बेचने वालों की पुलिस को शिकायत करनी चाहिए और जो नशा करते हैं, उन्हें नशा छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाना चाहिए।

