नई दिल्ली : भारत और अमेरिका में हुई ट्रेड डील को लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने यह साफ कर दिया है कि इस समझौते को लेकर संप्रभुता छोड़ने की बात करना बकवास है। ऐसा कहने वाला व्यक्ति काफी अज्ञानी है। एक न्यूज एजेंसी के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील लेबर ऑफ लव है जो दोनों देशों के दीर्घकालिक रणनीतिक लक्ष्यों को मजबूत नतीजों में बदल देगी। लेबर ऑफ लव का अर्थ होता है कि ऐसा काम जो दिल से और पूरी मेहनत के साथ किया जाए जिसमें किसी भी तरह की मजबूरी न हो।
रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत
पीयूष गोयल ने कहा कि यह व्यापार समझौता भारत और अमेरिका के बीच में लंबे समय की रणनीतिक साझेदारी को और भी मजबूत करेगा। बातचीत और मोलभाव की प्रक्रिया के बाद अच्छा एग्रीमेंट सामने आया है जो दोनों क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करेगा। गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका या दोनों देशों के नेताओं के बीच किसी भी तरह का भरोसे का संकट नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों देश आपसी विश्वास और साथ के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं।
ट्रेड डील में यह नहीं होगा तय
केंद्रीय मंत्री ने यह कहा कि अमेरिका से कच्चा तेल, एलएनजी और एलपीजी खरीदना भारत के अपने रणनीतिक हित में है क्योंकि इससे ऊर्जा स्त्रोतों में विविधता आती है हालांकि उन्होंने साफ किया है कि क्या खरीदा जाएगा और कहां से खरीदा जाएगा इसका फैसला कंपनियां खुद करती हैं। ट्रेड डील में यह तय नहीं होता है कि कौन किससे क्या खरीदेगा बल्कि यह व्यापार का रास्ता आसान और सुगम बनेगा।
भारत को मिलेगी बढ़त
गोयल ने यह भी बताया है कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का मकसद प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर और प्राथमिकता वाला बाजार पहुंच दिलवाना होता है। उन्होंने कहा कि भारत को 18% रेसिप्रोकल टैरिफ का फायदा मिला है जिससे अन्य विकासशील देशों के मुकाबले भारत को बढ़त मिलेगी।
अमेरिका की की सराहना
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के योगदान की भी खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि सर्जियो गोर इस रिश्ते के शुभचिंतक रहे हैं और बातचीत को अंतिम रुप देने और घोषणा तक पहुंचाने में उनकी जरुरी भूमिका रही है। गोयल ने उनके योगदान को भी सम्मान देने की बात कही है।

