नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत और पाकिस्तान में दावे अभी भी चल रहे हैं। पाकिस्तान की ओर से भारत में बनी हुई ऑपरेशन सिंदूर की डॉक्यूमेंट्री पर सवाल उठा दिए गए हैं। पाकिस्तान का यह कहना है कि इस डॉक्यूमेंट्री की घटनाओं को भारत के पक्ष में दिखाया गया है। कुछ बातों को चुनकर इसको पेश भी किया गया है हालांकि इन दावों के बीच में यह समझना जरुरी हो गया है कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर दोनों देशों की आधिकारिक कहानी अलग है। भारत सरकार की ओर से आतंकवाद के खिलाफ इसको बड़ी सैन्य कार्रवाई और सफल ऑपरेशन बताया गया है। वहीं रक्षा मंत्रालय की मानें तो इस कार्रवाई में सिर्फ आतंकवादी ठिकानों को ही निशाना बनाया गया था।
डॉक्यूमेंट्री पर भड़का पड़ोसी देश पाकिस्तान
पाकिस्तान ने यह आरोप लगाया है कि भारतीय डॉक्यूमेंट्री में ऑपरेशन सिंदूर को बहुत ही ज्यादा ड्रामे की तरह दिखाया गया है। उन्होंने यह दावा किया है कि इसमें कुछ चुनिंदा इंटरव्यू इमोशनल कहानी और फिल्मी अंदाज में बनाए हुए इमेज भी हैं। पाकिस्तान का यह भी कहना है कि डॉक्यूमेंट्री में 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले और 16 अप्रैल 2025 को पाकिस्तान के सेना प्रमुख भाषण के बीच में संबंध दिखाने की कोशिश की है। पाकिस्तान इसको गलत और बिना आधार की कहानी बता रहा है।
More than a year after Marka-e-Haq, India refuses to face the harsh reality. Instead of conceding defeat in a failed venture, India has decided to colour history in her preferred hues. To achieve this mutilation of history, Indian content creators have produced a highly…
— DG ISPR (@OfficialDGISPR) August 17, 2026
22 अप्रैल को शुरु हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था। इस दौरान 22 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 7 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशऩ सिंदूर शुरु किया था। भारत ने पाकिस्तान और POK में करीबन नौ ऐसे आतंकी ठिकानें थे जिनको निशाना बनाने की कोशिश की थी। भारत के मुताबिक, इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ आतंकवादी ठिकानों को ही नुकसान पहुंचाना था।
आखिर कैसे हुआ था सीजफायर?
भारत और पाकिस्तान में काफी दिनों तक युद्ध चला जिसके बाद 10 मई 2025 को शीजफायर हो गया। दोनों देशों ने सीजफायर के जरिए ही सैन्य देशों पर कार्रवाई रोकने की सहमति जताई थी। भारत के ऑफिशियल बयान के मुताबिक पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ से भी संपर्क किया था। दोनों देशों ने जमीन, हवा और समुद्र में सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति भी बनाई थी। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान ने इस घटनाक्रम को अपने तरीके से पेश कर दिया है। उनका यह कहना है कि भारत को संघर्ष रोकने के लिए मजबूर किया है।
एक बड़ी उपलब्धि था ऑपरेशन सिदूर
भारत सरकार की ओर से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कई दावे किए गए थे। सरकार ने इसको एक सफल सैन्य अभियान भी बताया था। वहीं मई 2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े सैनिकों के अनुभवों पर आधारित एक किताब भी जारी की थी। सरकार ने कहा कि ऑपरेशन ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति को नई दिशा दी है। भारत की ओर से यह भी कहा गया है कि अभियान के दौरान 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए हालांकि युद्ध या सैन्य संघर्ष से जुड़े ऐसे आंकड़ों में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग भी हो सकते हैं।
आखिर क्यों चर्चा में ऑपरेशन सिंदूर की डॉक्यूमेंट्री?
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारत में एक डॉक्यूमेंट्री भी जारी की गई थी। इसमें सैन्य अभियान की योजना, साइबर और अंतरिक्ष क्षमताओं तथा हमलों से जुड़ी हुई जानकारी दिखाई गई है। इसके अलावा डिस्कवरी की ओर से भी अगस्त 2026 में Declassified Operation Sindoor नाम के दो हिस्सों वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज जारी की है। इसमें भारतीय सैन्य अधिकारियों, सैनिकों और रक्षा विशेषज्ञों के अनुभव भी शामिल हुए हैं।

