नई दिल्ली: केंद्र सरकार की सख्ती करने के बाद अब मेटा ने एक जरुरी फैसला लिया है। मेटा ने गैरकानूनी कंटेंट पर कार्रवाई कर दी है। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि मेटा ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी हुई गैरकानूनी सामग्री यानी की CSAM (Child Sexual Abuse Management) पर कार्रवाई की है। अधिकारियों का यह कहना है कि इस तरह के गैरकानूनी सामग्री के मामले में सोशल मीडिया कंपनियों को सेफ हार्बर की सुरक्षा नहीं मिल पा रही हालांकि किसनी कंपनी ने कानून का उल्लंघन किया है या सिर्फ नहीं उसको हार्बर मिलेगा या नहीं इसका अंतिम फैसला अदालत ही करेगी।
गैर कानूनी कंटेंट पर हो रही है कार्रवाई
सरकार ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बार-बार सामने आने वाले गैरकानूनी कंटेंट पर कार्रवाई कर रहा है। इसके अलावा साथ ही आईटी एक्ट की धारा 69A के अंतर्गत सरकार की कार्रवाई नियमों के अनुसार और सीमित मामलों में ही की जा रही है। बता दें कि सरकार इस समय यौन शोषण सामग्री के मामले में काफी ज्यादा सख्त है। सूत्रों के अनुसार, इसको लेकर कुछ कार्रवाई देखने को भी मिली है। सरकार ने यह साफ किया है कि कानून का उल्लंघन होने पर सेफ हार्बर नहीं मिल पाएगा।
मेटा का इस मामले में यह कहना है कि उसका एल्गोरिदम और प्रणालियां आखिर कैसे काम करती हैं। इन सभी मामलों में फैसले लेने की प्रक्रिया पर इस समय चल रही है। मामले की जांच हो रही है क्योंकि यह और भी कई सारे मैसेज ऐप्स के साथ जुड़ा हुआ है।
मेटा हुआ परेशान
सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान को लेकर चिंता सिर्फ भारत ही में नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और बाकी देशों में भी हो रही है। ऐसे नुकसान से निपटने की जिम्मेदारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की है। एआई लेबलिंग को लेकर भी कानून साफ है कि एआई से बनी सामग्री पर लेबल लगाना जरुरी है। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी इसके लिए ध्यान रखना पड़ेगा।

