शमसाबादः फर्रुखाबाद-कायमगंज-दिल्ली मार्ग पर शुकुरुल्लापुर रेलवे क्रासिंग पर 2 वर्ष पहले करीब 27.49 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज बनाया गया। इस वर्ष की पहली बरसात में ही ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया। दरअसल, पुल का एक ज्वाइंट धंस गया। इससे पुल से यातायात रोक दिया गया। इस पुल में कई खामियां शुरुआत से ही थी, यही कारण रहा कि इसे सेतु निगम द्वारा लोक निर्माण विभाग को हैंडओवर भी नहीं किया गया। ओवरब्रिज के जॉइंट में तकनीकी खराबी आने के बाद फर्रुखाबाद-कायमगंज मार्ग को लगभग 3 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। अब सेतु निगम और रेलवे की टीम मरम्मत कार्य में जुटी है।
इस पुल का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया था। यह ओवरब्रिज सांसद मुकेश राजपूत की प्रमुख विकास योजनाओं में शामिल था। मौके पर सेतु निगम और रेलवे के इंजीनियर संयुक्त रूप से मरम्मत कार्य में जुटे हैं। हालांकि अधिकारी इसे तकनीकी समस्या बताकर मरम्मत की बात कह रहे हैं, लेकिन इतने कम समय में ओवरब्रिज के जॉइंट में आई खराबी ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि पुल दो साल भी बिना मरम्मत के नहीं चल सका, तो निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
फिलहाल मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर करोड़ों रुपये की लागत से बने इस ओवरब्रिज में इतनी जल्दी तकनीकी खामी कैसे आ गई? अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही पर टिकी हैं। दिल्ली से कायमगंज होकर फर्रुखाबाद आने वाले वाहनों को हजियापुर तिराह से पुलिस ने डायवर्जन कर नवाबगंज से होकर निकाला है। वहीं फर्रुखाबाद से कायमगंज व दिल्ली जाने वाले वाहनों को हथियापुर से नवाबगंज होते हुए भेजा गया है। यह डायवर्जन 12 जुलाई तक रहेगा।

