Girl in a jacket
HomeGovernment Newsविपक्ष ने महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई: श्रुति चौधरी का हमला

विपक्ष ने महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई: श्रुति चौधरी का हमला

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर बोलते हुए हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि जब संसद में इस विधेयक को लाने के लिए विशेष सत्र बुलाने की खबर आई, तो पूरे देश में उत्साह और खुशी का माहौल बन गया, विशेषकर महिलाओं में यह विश्वास जगा कि उनकी वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि यह विधेयक पारित होता, तो यह हमारे समय के सबसे महत्वपूर्ण विधायी निर्णयों में से एक होता। देश की आधी आबादी महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से न केवल राजनीति की दिशा बदलती, बल्कि समाज के हर वर्ग में व्यापक परिवर्तन आता। मंत्री ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने प्रारंभ से ही महिलाओं और पुरुषों को समान मतदान अधिकार देकर एक प्रगतिशील और दूरदर्शी संविधान की नींव रखी। उन्होंने बताया कि जहां कई देशों में महिलाओं को यह अधिकार पाने के लिए लंबे संघर्ष करने पड़े, वहीं भारत में यह अधिकार शुरू से ही सुनिश्चित किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों शौचालयों का निर्माण, उज्ज्वला योजना के माध्यम से गैस कनेक्शन, तथा हर घर जल जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाया है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के सकारात्मक प्रभाव से हरियाणा का लिंगानुपात वर्ष 2015 में 871 से बढ़कर आज 923 तक पहुंच गया है, जबकि कई जिलों में यह और भी बेहतर हुआ है।

आर्थिक सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिए गए घरों में बड़ी संख्या महिलाओं के नाम पर पंजीकृत हैं। हरियाणा सरकार द्वारा भी महिलाओं को राशन डिपो में 33 प्रतिशत आरक्षण, मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना तथा ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से निरंतर सशक्त किया जा रहा है।

सरकार महिलाओं के जीवन के हर चरण में उन्हें मजबूती देने के लिए प्रतिबद्ध है और इन योजनाओं की निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा की जा रही है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए श्रीमती चौधरी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध कर विपक्ष ने देश की महिलाओं की भावनाओं को आहत किया है। चुनावी कारणों का हवाला देकर इस विधेयक का विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण है, जबकि ऐसे निर्णय देश के भविष्य को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए।

नारी शक्ति वंदन विधेयक एक राजनीतिक मुद्दा नहीं था, बल्कि यह देश और दुनिया को एक मजबूत संदेश देने का अवसर था कि भारत अपनी मातृ शक्ति को नेतृत्व में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। देश की महिलाएं इस विषय पर पूरी तरह जागरूक हैं और भविष्य में इसका जवाब अवश्य देंगी। दलों की निंदा की जिन्होंने इस विधेयक को पारित होने से रोका और कहा कि आने वाली पीढ़ियां उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -
Girl in a jacket

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -