चंडीगढ़: भगवंत सिंह मान ने आगामी मानसून सीजन को देखते हुए सभी डिप्टी कमिश्नरों को बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्य तय समयसीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही पर अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी। सीएम ने नालों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की तुरंत सफाई, डी-सिल्टिंग, प्रदूषण नियंत्रण उपायों को तेज करने और लंबित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को प्राथमिकता पर पूरा करने के आदेश दिए, ताकि बारिश से पहले पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जा सकें।

बैठक में मौजूद संत बलबीर सिंह सीचेवाल के साथ सीएम ने पूरे राज्य में बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए एक प्रभावी मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के साथ समन्वय कर नदियों और ड्रेनों की नियमित सफाई और मजबूती सुनिश्चित की जाए। बुड्डा नाला की सफाई की समीक्षा करते हुए सीएम ने डेयरियों से निकलने वाले कचरे को नाले में जाने से रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

इंफ्रास्ट्रक्चर और जल प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सीएम ने हेबोवाल और ताजपुर में सीबीजी प्लांट्स को जल्द शुरू करने, औद्योगिक अपशिष्ट के उचित उपचार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सख्त निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सतलुज नदी के तटबंधों को मजबूत करने, काला संघियां ड्रेन और अन्य नहरों में पानी के प्रवाह को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि सरकार पूरी तरह जनता के साथ खड़ी है और आने वाले दिनों में इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

