नई दिल्लीः चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात साल के बाद भारत पहुंच रहे है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने से पहले उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। उनकी यात्रा शुरू होने से पहले ही दोनों देशों के संबंधों को लेकर एक सकारात्मक संकेत नजर आया है। पिछले 6 साल से बंद नई दिल्ली- ग्वांगझोऊ विमान सेवा फिर से शुरू होने जा रही है। चाइना सदर्न एयरलाइन्स ने कहा है कि 21 सितंबर से एक बार फिर दोनों देशों के बीच विमान सेवा शुरू हो जाएगी।
एयरलाइन ने कहा कि सेवा शुरू होने के एक सप्ताह में करीब 100 उड़ानें संचालित की जाएगी। बता दें कि नई दिल्ली से बीजिंग की विमान सेवा अप्रैल में ही शुरू हो गई थी। इसके अलावा कोलकाता और कुनमिंग के बीच भी विमान सेवाएं बहाल हैं।
गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के बाद दोनों देशों के बीच संबंध बहुत खराब हो गए थे। हालांकि इसके बाद कई चरणों की वार्ता के बाद पूर्वी लद्दाख के पास सीमा पर तैनाती कम हुई और संबंध में भी कुछ सुधार हुआ। अब शी जिनपिंग की भारत यात्रा से संबंधों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
इससे पहले, विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से यहां संवाददाता सम्मेलन में पूछा गया था कि मोदी और शी के बीच प्रस्तावित बैठक को चीन किस नजरिए से देखता है, जिसके जवाब में उन्होंने कहा था कि कजान और तियानजिन में हुई मुलाकातों के बाद यह लगातार तीसरा वर्ष होगा जब दोनों नेताओं की मुलाकात होगी।
उन्होंने कहा था कि चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्ग-दर्शन के अनुरूप भारत के साथ मिलकर काम करेगा। हम द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखेंगे, संवाद बढ़ाएंगे, सहयोग मजबूत करेंगे, मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाएंगे और अच्छे पड़ोसियों की तरह मित्र तथा एक-दूसरे की सफलता में सहयोग करने वाले साझेदार बनेंगे।