नई दिल्लीः आज पूरे देश में NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा शुरू होने से पहले ही विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों और अभिभावकों की भारी भीड़ देखने को मिली। इस परीक्षा के लिए भारत और विदेशों से कुल 22,80,054 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था।
परीक्षा दोपहर में आयोजित की गई और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सभी छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने और नियमों का पालन करने की सलाह दी। नीट यूजी की परीक्षा में कुल 22.79 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। परीक्षा आज दोपहर 2 बजे से लेकर शाम 5.15 बजे तक आयोजित कराई गई थी।
अब अभ्यर्थियों को रिजल्ट का इंतजार
सफलतापूर्वक पूरी करवा दी गई है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के लिए रिजल्ट की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
छात्रों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर रुके PM मोदी
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक कदम चर्चा का विषय बन गया। जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। हालांकि, उन्होंने तुरंत अपने आवास के लिए रवाना होने के बजाय कुछ समय एयरपोर्ट पर ही रुकने का फैसला किया।
बताया जा रहा है कि दोपहर 2 बजे NEET परीक्षा शुरू होनी थी और बड़ी संख्या में छात्र अपने परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे थे। ऐसे में प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने से दिल्ली की कई सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित हो सकता था। छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकें, इसलिए पीएम मोदी ने एयरपोर्ट से निकलने में देरी की। उनके इस फैसले की काफी सराहना की जा रही है।
अजमेर में बुर्के को लेकर हुआ विवाद
राजस्थान के अजमेर में स्थित सावित्री स्कूल परीक्षा केंद्र पर बुर्के को लेकर विवाद सामने आया। ब्यावर से परीक्षा देने पहुंची छात्रा कुलसुम को बुर्का पहनकर केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। इस कारण छात्रा काफी परेशान और मायूस दिखाई दी।
परीक्षा केंद्र पर हुआ हंगामा
बुर्का उतारने को लेकर छात्रा और अधिकारियों के बीच बहस हो गई। मौके पर कुछ देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। छात्रा का कहना था कि बुर्का उसकी पहचान और धार्मिक आस्था का हिस्सा है, इसलिए वह इसे हटाकर परीक्षा नहीं दे सकती। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस और अधिकारियों ने छात्रा को समझाने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक बहस जारी रही।
पिता ने लगाए भेदभाव के आरोप
इस दौरान छात्रा के पिता भी वहां मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी दूसरी बेटी को किसी अन्य परीक्षा केंद्र पर बुर्के के साथ प्रवेश की अनुमति मिल गई थी, जबकि यहां उनकी बेटी को बेवजह रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को परीक्षा केंद्र के बाहर रोकना नियमों के खिलाफ है और इससे छात्रा को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
NTA के नियमों को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों पर ड्रेस कोड और सुरक्षा नियमों को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। वहीं, परीक्षा अधिकारियों का कहना है कि सभी उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से आयोजित की जा सके।
