अजमेर: राजस्थान के अजमेर में NEET की दोबारा परीक्षा के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब एक छात्रा को बुर्का पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंचने पर अंदर जाने से रोक दिया गया। परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने सुरक्षा जांच के नियमों का हवाला देते हुए छात्रा को प्रवेश देने से मना कर दिया। यह मामला अजमेर के सावित्री स्कूल परीक्षा केंद्र का है। यहां ब्यावर की रहने वाली छात्रा कुलसुम परीक्षा देने के लिए पहुंची थी।
छात्रा ने जताई नाराजगी
जब अधिकारियों ने उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया, तो छात्रा और उसके परिवार ने इसका विरोध किया। कुलसुम का कहना था कि बुर्का उसकी धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और वह इसे उतारकर परीक्षा नहीं दे सकती। छात्रा ने कहा कि वह परीक्षा के सभी नियमों का पालन करने के लिए तैयार थी, लेकिन अपनी धार्मिक मान्यताओं और पहचान से समझौता नहीं करना चाहती थी।
परिवार ने लगाए भेदभाव के आरोप
कुलसुम के पिता ने बताया कि उनकी दो बेटियां NEET परीक्षा दे रही थीं। उन्होंने कहा कि दूसरी बेटी को दूसरे परीक्षा केंद्र पर बिना किसी परेशानी के प्रवेश मिल गया था, लेकिन यहां उनकी बेटी को बुर्का पहनने के कारण रोका जा रहा था। परिवार का कहना था कि छात्रा के पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे और उसने परीक्षा से जुड़े सभी नियमों का पालन किया था। इसके बावजूद उसे प्रवेश नहीं दिया जा रहा था।
परीक्षा केंद्र के बाहर चला लंबा विवाद
छात्रा, उसके परिजनों और परीक्षा केंद्र के अधिकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत होती रही। परीक्षा केंद्र के बाहर कुछ समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। परिवार लगातार अधिकारियों से छात्रा को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने की मांग करता रहा।
वरिष्ठ अधिकारियों से ली गई सलाह
स्थिति को देखते हुए परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। निर्देश मिलने के बाद तय प्रक्रिया के अनुसार छात्रा की पूरी सुरक्षा जांच की गई और उसकी पहचान की पुष्टि की गई।
जांच पूरी होने के बाद मिली परीक्षा देने की अनुमति
सुरक्षा जांच और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रा कुलसुम को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद वह समय रहते परीक्षा में शामिल हो सकी। इस तरह काफी देर तक चले विवाद और बातचीत के बाद मामला शांत हुआ और छात्रा ने NEET की परीक्षा
