ऊना सुशील पंडित : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय ऊना में 6 एचपी (आई) कंपनी एनसीसी ऊना द्वारा भव्य योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें 6 एचपी (आई) कंपनी एनसीसी ऊना के कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया। इस योग सत्र में 1 एचपी गर्ल्स बटालियन की एनसीसी कैडेट्स तथा महाविद्यालय की रेड क्रॉस सोसायटी के स्वयंसेवकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय परिसर में प्रातःकालीन समय में किया गया, जहां बड़ी संख्या में कैडेट्स एवं स्वयंसेवक एकत्रित हुए। योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, सूर्य नमस्कार, कपालभाति, अनुलोम-विलोम तथा ध्यान सहित विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को योग के वैज्ञानिक महत्व, स्वास्थ्य लाभों तथा दैनिक जीवन में इसकी उपयोगिता के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मीता शर्मा ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, अनियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक जीवनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन की ओर अग्रसर हों।
एनसीसी अधिकारी कैप्टन डॉ. अश्विनी कुमार ने कहा कि योग और एनसीसी दोनों का मूल उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्र सेवा की भावना का विकास करना है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक क्षमता में वृद्धि होती है, मानसिक एकाग्रता बढ़ती है तथा कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने कैडेट्स को जीवनभर योग को अपनाने तथा समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने योग के महत्व को समझते हुए स्वस्थ जीवन, नशामुक्त समाज और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। पूरे योग सत्र में कैडेट्स का उत्साह और अनुशासन देखने योग्य था। योगाभ्यास के पश्चात सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक ध्यान कर मानसिक शांति एवं आत्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
इस अवसर पर प्रो. अलका शर्मा, कैप्टन डॉ. मोनिका खन्ना, डॉ. वरुण धीमान, प्रो. अनीता सैनी, डॉ. शिवानी भगत, कैप्टन विनोद कुमार तथा हवलदार जतिंदर भी उपस्थित रहे तथा उन्होंने योग सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताते हुए युवाओं से इसे अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ एवं योग संकल्प के साथ हुआ। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस आयोजन ने प्रतिभागियों को योग के महत्व से अवगत कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा भी प्रदान की।
