ऊना,सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश की प्रतिभाशाली बेटी डॉ. अंकिता रघुवंशी ने एक बार फिर क्षेत्र, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) गांधीनगर के दीक्षांत समारोह में उन्हें डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि प्रदान की गई। इससे पूर्व उनके शोध कार्य को भारतीय पेटेंट कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय पेटेंट भी प्रदान किया जा चुका है, जिससे उनकी उपलब्धि और अधिक गौरवशाली बन गई है।
पालमपुर से डॉ. अंकिता रघुवंशी, श्रीमती पूनम रघुवंशी एवं डॉ. अजय रघुवंशी की सुपुत्री हैं। उन्होंने अपने पीएच.डी. शोध के दौरान पार्किंसन रोग से पीड़ित मरीजों की सहायता के लिए एक अभिनव तकनीक विकसित की। उनके शोध विषय “A System for Predicting Freezing of Gait in Users” को भारतीय पेटेंट कार्यालय द्वारा मान्यता देते हुए पेटेंट प्रदान किया गया।
यह तकनीक पार्किंसन रोगियों में चलने के दौरान अचानक होने वाली रुकावट (Freezing of Gait) का पूर्वानुमान लगाने में सक्षम है। सेंसर-आधारित स्मार्ट जूतों और आधुनिक डेटा विश्लेषण प्रणाली के माध्यम से विकसित यह तकनीक रोगियों की चाल, गति और गतिविधियों के पैटर्न का अध्ययन कर संभावित खतरे की पहले ही पहचान कर सकती है। इससे चिकित्सकों और देखभालकर्ताओं को समय रहते आवश्यक कदम उठाने में सहायता मिलेगी तथा रोगियों की सुरक्षा एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
डॉ. अंकिता की यह उपलब्धि केवल एक शैक्षणिक सफलता नहीं, बल्कि समाज के लिए उपयोगी शोध और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनका शोध स्वास्थ्य तकनीक, न्यूरो-रिहैबिलिटेशन और रोगी देखभाल के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।
डॉ. अंकिता अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार से मिले संस्कारों और प्रेरणा को देती हैं। उनके स्वर्गीय दादा श्री सुरिन्दर सिंह रघुवंशी तथा हिमोत्कर्ष के संस्थापक एवं उनके स्वर्गीय नाना कुँवर हरिसिंह उनके जीवन के प्रमुख प्रेरणास्रोत रहे हैं। शिक्षा, समाज सेवा और उत्कृष्टता के प्रति उनकी सोच ने डॉ. अंकिता के व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित किया है।
साथ ही उनकी माता श्रीमती पूनम रघुवंशी एवं पिता डॉ. अजय रघुवंशी का सतत मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और आशीर्वाद उनकी इस सफलता की मजबूत नींव रहा है। परिवार के सहयोग और मूल्यों ने उन्हें शोध एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. अंकिता रघुवंशी की यह दोहरी उपलब्धि—Ph.D. उपाधि और राष्ट्रीय पेटेंट—न केवल रघुवंशी परिवार बल्कि पूरे पालमपुर, कांगड़ा और हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। क्षेत्र के शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
सभी को विश्वास है कि डॉ. अंकिता रघुवंशी भविष्य में भी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर देश और प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगी।
