12 पुलिस टीमें सक्रिय, तलाश जारी
अमृतसरः विधानसभा क्षेत्र मजीठा में राजनीतिक माहौल तब और ज्यादा गरमा गया, जब शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के ‘लापता’ और ‘भगोड़ा’ होने के पोस्टर विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों, जिनमें मजीठा गांव भी शामिल है, में लगे हुए दिखाई दिए। इन पोस्टरों ने इलाके में चर्चा को और तेज कर दिया है और राजनीतिक गलियारों में भी इसकी खूब चर्चा हो रही है।
गौरतलब है कि 31 मई को मजीठा पुलिस स्टेशन पर कथित हमले और पुलिस हिरासत से एक व्यक्ति को छुड़ाने के मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एक केस दर्ज किया गया था। इस केस के बाद पुलिस ने मजीठिया की तलाश तेज कर दी है।
जानकारी मुताबिक, पुलिस की 12 टीमें अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही हैं और उनके संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मजीठा विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर लगाए गए ये पोस्टर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं। इलाके के पिंका मजीठिया, जसवंत सिंह व अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता को इस तरह गायब नहीं होना चाहिए था, बल्कि उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना चाहिए। उनका कहना है कि अगर उन पर कोई आरोप हैं, तो उनसे कानूनी तरीके से निपटा जाना चाहिए। गलती सभी से हो जाती है और अगर गलती को सुधारा न जाए, तो वह चीज गलत है।
दूसरी ओर, मजीठिया का फोन बंद होने और उनके सार्वजनिक रूप से सामने न आने के कारण अटकलों का बाजार भी गर्म है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस या मजीठिया की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। पुलिस की तलाश फिलहाल जारी है और इस मामले में आगे होने वाले घटनाक्रमों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
