अमृतसर: 6 जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनज़र अमृतसर और आस‑पास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। इसी सिलसिले में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए विशेष रूप से पहुंचे पंजाब के स्पेशल डीजीपी (सिक्योरिटी) प्रवीण कुमार सिन्हा ने आज अमृतसर के ऐतिहासिक घी मंडी चौक पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और तैनात पुलिस कर्मचारियों से बातचीत कर प्रतिक्रिया ली। पत्रकारों से बातचीत में स्पेशल डीजीपी ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी पूरे अमृतसर और क्षेत्र में एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस साल केंद्र सरकार की ओर से पैरामिलिट्री फोर्सेज की कंपनियां दी गई हैं, जिसके तहत अमृतसर शहर और इससे जुड़े जिलों में BSF, RAF और ITBP की 11 कंपनियां तैनात की गई हैं। अकेले अमृतसर शहर में पंजाब पुलिस के लगभग 4,000 जवान और बाहर से बुलाए गए 30 से अधिक अनुभवी गैज़ेटेड अधिकारी ड्यूटी पर मौजूद हैं। सिन्हा ने स्पष्ट किया कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा के साथ‑साथ श्रद्धालुओं की सुविधा को बरकरार रखना है, ताकि देश‑विदेश से आने वाली संगत को कोई मुश्किल न आओ।
उन्होंने कहा कि पंजाब की सीमा एक ऐसे पड़ोसी देश से लगती है जो यहां की शांति भंग करना की कोशिश कर सकता है, लेकिन पुलिस पूरी तरह जागरूक है। क्लानौर की घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उसका 6 जून की बरसी से कोई संबंध नहीं है और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने दावा किया कि पंजाब पुलिस और चंडीगढ़ के स्पेशलाइज्ड विंग दिन‑रात काम कर रहे हैं और पिछले दिनों हुए ब्लास्ट मामलों में भी पुलिस के पास अहम सुराग हैं, जिनका जल्द खुलासा किया जाएगा।
