चंडीगढ़: हरियाणा के सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने अंबाला जिले के नारायणगढ़ स्थित गांव भरेड़ी कलां में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आयोजित 77वें जिला स्तरीय वन महोत्सव के दूसरे चरण को संबोधित करते हुए कहा कि वन महोत्सव केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करने का संकल्प है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही हरियाणा को अधिक हरित और पर्यावरण के अनुकूल राज्य बनाया जा सकता है। कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान प्रकृति और मातृत्व दोनों के प्रति सम्मान प्रकट करने की एक अनूठी पहल है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में इस अभियान को हरियाणा में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है।
जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, वायु प्रदूषण, जल संकट तथा जैव विविधता में हो रही कमी जैसी चुनौतियां गंभीर चिंता का विषय हैं। इन चुनौतियों से निपटने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए पौधारोपण, वनों का संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों का सतत प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।
वर्तमान मानसून सत्र के दौरान हरियाणा में 1.40 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान में सरकारी विभागों, पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों, शिक्षण संस्थानों, उद्योगों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और जीवित रहने को भी सुनिश्चित करना है। इसी दिशा में शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लगभग 48 हेक्टेयर भूमि पर घने मियावाकी वन विकसित किए जा रहे हैं तथा देशी प्रजातियों के वृक्षों को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बेदी ने कहा कि 75 वर्ष से अधिक आयु वाले वृक्षों के संरक्षण के लिए प्राण वायु देवता पेंशन योजना शुरू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसके पूर्ण विकसित होने तक उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से भी पर्यावरण संरक्षण के दूत बनकर अपने-अपने क्षेत्रों में पौधारोपण और वृक्ष संरक्षण अभियान का नेतृत्व करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ने ग्राम पंचायत की मांग पर गांव भरेड़ी कलां में एक शेड के निर्माण की घोषणा भी की। इससे पूर्व उन्होंने पौधारोपण कर वन महोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा मानेसर से आयोजित राज्य स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी उपस्थित लोगों को दिखाया गया।