जालंधर, ENS: भागर्व कैंप में देर रात जमकर ईंट पत्थरों से हमला करने की घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार पुराने विवाद और मोबाइल फोन जमा कराने की रंजिश को लेकर विवाद हुआ। जहां 8 से 10 नौजवानों द्वारा घर और दुकान पर तेजधार हथियारों व ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया। घटना के दौरान परिवार ने छतों से कूदकर पड़ोसियों के घरों में छिपकर जान बचाई। इस घटना को लेकर परिवार में दहशत का माहौल पाया जा रहा है। आरोप है कि हमलावरों ने पड़ोसी घरों के दरवाजों पर भी वार किए। पीड़ित परिवार ने छतों पर कूदकर और पड़ोसियों के घरों में छिपकर अपनी जान बचाई।
पीड़ित ममता के अनुसार, यह विवाद 17 जून को शुरू हुआ था। उस दिन कुछ युवकों ने चोरी की नीयत से उनके घर का शटर उठाने की कोशिश की थी। परिवार ने उन्हें मौके से भगा दिया, लेकिन भागते समय एक आरोपी का मोबाइल फोन वहीं गिर गया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने वह मोबाइल फोन पुलिस थाने में जमा करवा दिया था, जिससे आरोपी नाराज बताए जा रहे हैं।
पीड़ितों ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए इलाके के रसूखदार लोगों के जरिए समझौते की बातचीत चल रही थी। हालांकि आरोपी लगातार फोन वापस करने की मांग को लेकर धमकियां दे रहे थे। इसी रंजिश के चलते आरोपी पम्मा लोरी और ढोलिया नाम के युवक अपने 8-10 साथियों के साथ हाथों में कृपाणें और ईंट-पत्थर लेकर गली में आ धमके। वहीं चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने गली में आते ही सरेआम गुंडागर्दी शुरू कर दी।
उन्होंने पीड़ित परिवार की दुकान के शटर पर तेजधार हथियारों से वार किए। इतना ही नहीं, जब पीड़ित अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे, तो हमलावरों ने पूरी गली में अंधाधुंध ईंटें चलानी शुरू कर दीं। जिसके बाद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई। वहीं स्थानीय लोगों ने पुलिस से इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों के अनुसार, पुलिस ने मौके से पम्मा लोरी नाम के एक मुख्य आरोपी को पकड़ लिया है। हालांकि आरोपी खुद को निर्दोष बताते हुए कह रहा है कि वह ढोल बजाकर लौट रहा था।
