जालंधर: शहर के एक युवक और उसके परिवार ने युवती व उसके परिजनों पर विदेश जाने से रोकने की नीयत से झूठा मामला दर्ज कराने का आरोप लगाया है। युवक का कहना है कि दोनों परिवार आपस में रिश्तेदार हैं और लंबे समय से एक-दूसरे के घर आना-जाना रहा है। परिवारों की सहमति से कुछ रिश्तेदारों की मौजूदगी में उसका और लड़की का रिश्ता तय किया गया था। उनके अनुसार फरवरी 2026 के अंत में उन्होंने बेटी को बताया था कि वह वर्क परमिट पर विदेश जाने की तैयारी कर रहा है और 22 मार्च को उसका मेडिकल निर्धारित है।
आरोप है कि यह जानकारी मिलने के बाद युवती का व्यवहार बदल गया और उसने उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि उसे भी साथ विदेश ले जाया जाए तथा उसके दस्तावेज तैयार करवाए जाएं, जहां लड़के का कहना है कि जब उसने ऐसा करना संभव नहीं बताया तो उसे कथित तौर पर झूठे मामले में फंसाने की धमकियां दी गईं। युवक ने बताया कि 11 मार्च को युवती ने उसे अपनी बहन को 12वीं कक्षा की पंजाबी परीक्षा के लिए स्कूल छोड़ने का अनुरोध किया था। इसके
बाद वह 12 मार्च की सुबह वह अपने भाई के साथ युवती की बहन को स्कूल छोड़ने गया। लड़के का आरोप है कि स्कूल पहुंचने पर लड़की स्वयं कार में आकर बैठ गई और निजी बातचीत के लिए कुछ देर घूमने की बात कही। युवक का दावा है कि बाद में उसे सुरक्षित रूप से स्कूल के बाहर छोड़ दिया गया, जहां से वह परीक्षा देने चली गई। लड़के और उसके परिवार का आरोप है कि उन्हें विदेश जाने से रोकने के उद्देश्य से सुनियोजित तरीके से झूठे आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया गया है।
