जालंधर, ENS: नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत अब मेडिकल शॉप और क्लीनिक पर पुलिस और ड्रग विभाग द्वारा दबिश दी जा रही है। ऐसे में ताजपुर में थाना लांबड़ा की पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की अगुवाई में क्लिनिक पर रेड की गई। वहीं मामले की जानकारी देते हुए ड्रग इंस्पेक्टर अमित बांसल ने कहा कि थाना लांबड़ा के प्रभारी ने अवैध क्लीनिक चलने की सूचना मिली थी। ऐसे में पुलिस टीम के साथ मिलकर क्लीनिक पर दबिश दी गई। जहां निर्मलदीप ने कोई लाइसेंस नहीं दिखाया और ना ही कोई बिल दिखा पाया। जिसके बाद उनके द्वारा निर्मलदीप के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा कि अन्य क्लीनिक की जांच की जा रही है। क्लीनिक से अभी तक कोई नशीली दवाई बरामद नहीं हुई है।
थाना लांबड़ा के एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने कहाकि उन्हें सूचना मिली थी कि ताजपुर में निर्मलदीप सिंह क्लीनिक में नशीली गोलियां और कैप्सूल बेचता है। जिसके बाद वह ड्रग इंस्पेक्टर के साथ मिलकर क्लीनिक पर रेड करने पहुंचे। घटना स्थल पर कोई नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद नहीं हुए है। लेकिन जांच के दौरान पाया गया कि बिना लाइसेंस से निर्मल क्लीनिक चला रहा है। ऐसे में वह बिना लाइसेंस के दवाईयां रखी हुई है। ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा मामले की जांच करके आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जमशेर के रहने वाले क्लीनिक संचालक निर्मलदीप ने बताया कि आज थाना लांबड़ा और ड्रग इंस्पेक्टर टीम उनके क्लीनिक में जांच करने पहुंचे। निर्मल ने माना कि उसके पास कोई लाइसेंस नहीं है। लेकिन उसके पास 12 से 13 साल का एक्सपीरियंस है। निर्मल के अनुसार उसने डी फार्मा का कोर्स किया है। ऐसे में पहले भी एक बार क्लीनिक पर दबिश दी गई थी और कहा गया था कि नशीली गोलियां सप्लाई करता हूं, लेकिन कुछ भी नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ। डायलसिस का डिप्लोमा, सीएमएस का डी फार्मा का 10 साल का एक्सपीरियंस, डेढ साल का मिल्ट्री अस्पताल का एक्सपीरियंस है। ऐसे में वह एलोपैथिक में प्रेक्टि्स कर रहे है। लेकिन वह गलती मानते है कि उनके पास लाइसेंस नहीं है।
