जालंधर, ENS: तेल कंपनियों ने आज बीते दिन एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने इस बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 0.90 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। ऐसे में जालंधर में पेट्रोल की क़ीमत 101.38 पैसे और डीज़ल की क़ीमत 91.27 पैसे हो गई है। तेल की बढ़ी कीमतों के बाद पंपों पर ग्राहकों की संख्या कम होने लगी है। इसकी वीडियों भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता हैकि पंपों पर सन्नाटा पसरने लगा है। वहीं बढ़ती कीमतों को लेकर पंप एसोसिएशन के प्रेजिडेंट सुखमोहन सिंह ने बताया कि महंगाई बढ़ रही है। ऐसे में लोगों की जेब पर इसका असर देखने को मिल रहा है। हालांकि बीते दिन तेल के दामों में बढ़ौतरी होने पर लोगों को कुछ पता नहीं चल पाया था, लेकिन आज इसका असर देखने को मिल रहा है।
वहीं बीते दिन चंडीगढ़ में पेट्रोल पंप पर दोपहिया वाहनों को लेकर 500 रुपए तक तेल देने का नोटिस चिपकाया गया था, इस पर उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। सुखमोहन ने कहा कि उम्मीद है कि लोग अब वाहनों का अधिक इस्तेमाल ना करें। बता दें कि इससे पहले तेल शुक्रवार, 15 मई को ही कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। बीते 5 दिनों में तेल की कीमतों में ये दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है। इन 5 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम 3.90 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से पहले, तेल कंपनियों को रोजाना 1000-1200 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा था।
ईंधन की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद तेल कंपनियों को रोजाना हो रहे नुकसान में करीब 25 फीसदी की कमी आई थी। बताते चलें कि मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव की स्थिति की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है। सप्लाई में बाधा आने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। तेल कंपनियों ने काफी समय तक खुद ही कच्चे तेल की कीमतों पर जारी भारी बढ़ोतरी का भार उठाया। लेकिन, अब तेल कंपनियों ने कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी का भार आम जनता पर भी डालना शुरू कर दिया है।
