जालंधर, ENS: पंजाब और चंडीगढ़ में आज मेडिकल स्टोर संचालकों की 24 घंटे की हड़ताल है, लेकिन जालंधर की मशहूर दिलकुशा मार्केट में हड़ताल का कोई असर देखने को नहीं मिला। दिलकुशा मार्केट में दवाई की दुकानें खुली हुई है। मामले की जानकारी देते हुए प्रेजिडेंट रिषु वर्मा ने बताया कि देश भर में ऑनलाइन दवा कंपनियां नियमों का उल्लंघन को लेकर हड़ताल की जा रही हैं। इसका स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालकों के व्यापार को नुकसान पहुंच रहा है।
पंजाब में करीब 24000 लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर हैं। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया कैमिस्ट एसोसिएशन की ओर से हड़ताल की ऐलान किया गया था। पंजाब प्रधान और डिस्टिक प्रधान द्वारा सही मैसेज दवा विक्रेताओं को नहीं दिया गया। जिसके कारण पंजाब में कई जगह दुकाने खुली हुई है। प्रेजिडेंट ने कहा कि सभी ऑनलाइन दवा कंपनियों द्वारा दवाई बेचने का विरोध करते है।
रिशु ने कहा कि कोर्ट के अनुसार ऑनलाइन कंपनियां दवाई नहीं बेच सकती, लेकिन बड़े कारोबारियों से मिलकर ऑनलाइन दवाई कंपनियों द्वारा बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा खत्म करने के लिए मुहिम चलाई जा रही है, लेकिन ऑनलाइन कंपनियों द्वारा नशे की दवाईयों कोरियर के जरिए मिल रही है। शुगर की दवाईयां बिना टेंपरेचर कंट्रोल किए लोगों के घरों में पहुंच रही है। रिशु ने कहा कि ई-फ्रार्मेसी बंद होनी चाहिए। इसके विरोध को लेकर केंद्र प्रशासन तक पत्र जारी करके बंद करने की अपील की जा चुकी है, लेकिन कारोबार बंद नहीं हुआ।
