जालंधर, ENS: उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी है। लिहाजा लोगों का गर्मी से हाल बेहाल है। जालंधर में तापमान 43 डिग्री पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में गर्मी और बढ़ने की सम्भावना जताई है, जिससे लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है। भीषण गर्मी में लोग नारियल पानी का अधिक सेवन कर रहे है। मामले की जानकारी देते हुए सोमनाथ ने कहाकि भीषण गर्मी में घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में बुजुर्ग और बच्चों को दोपहर के समय गर्मी में बाहर नहीं निकलना चाहिए। वहीं प्रशासन से स्कूलों में छुट्टियां करने की अपील की है। सोमनाथ ने कहाकि भले ही बाजार खुले है, लेकिन बाजारों ने सन्नाटा पसरा हुआ है, एक भी ग्राहक दुकानों में नहीं दिखाई दे रहा।
वहीं नीतिन ने कहा कि हर साल गर्मी बढ़ रही है। पिछले साल की तुलना में इस बार तापमान में बढ़ौतरी हुई है। बुजुर्गों और बच्चों को भीषण गर्मी में घर में रहने की अपील की गई। लोगों को अधिक नायरियल पानी, नींबू पानी और कच्ची लस्सी का सेवन करने की अपील की गई। इसी के साथ बलविंदर कुमार ने कहाकि सुननेे में आया हैकि इस बार पिछले रिकार्ड टूटने की संभावना है। बाजारों में कोई ग्राहक नहीं आ रहा है। भीषण गर्मी में दोपहर के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बुजुर्ग और सीनियर सिटीजन को घर में रहने की सलाह दी गई।
बलविंदर ने कहा कि सुनने में आया है कि इस बार 150 साल का रिकार्ड टूटेगा। वहीं स्कूलों में इस बार छुट्टियां भी पहले होने जा रही है। भीषण गर्मी में दोपहर के समय सड़कों पर कम आवागमन देखा गया। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को भयानक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी से बचने के लिए लोग पूरी बाजू वाले कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकल रहे हैं और अपने साथ पानी की बोतलें भी रख रहे हैं। कई लोग समय-समय पर पानी पी कर खुद को डिहाइड्रेशन से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लू के खतरे को देखते हुए लोग सिर्फ़ जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। शहर के कई स्थानों पर नींबू पानी, शरबत और तरबूज़ की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।
