जालंधर, ENS: श्रीराम अस्पताल में देर रात टीबी से पीड़ित 18 वर्षीय युवती के परिजनों और अस्पताल प्रशासन के बीच भारी हंगामा होने की घटना सामने आई है। जहां पीड़ित मां का आरोप है कि ‘श्री राम हॉस्पिटल’ पर गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं इस मामले को लेकर डॉक्टर मनदीप सिंह ने घटना को लेकर खुलासा किया। उन्होंने कहाकि उनके अस्पताल में मरीज को लेकर हंगामा हुआ था। जहां उनके अस्पताल में 18 वर्षीय प्रीति नामक लड़की टीबी की मरीज आई थी।
मरीज की हालत काफी गंभीर थी और मां बच्चे को कुछ माह से दवाई नहीं दे पा रही थी। मरीज के पिता का निधन हो चुका है और माता घरों में बर्तन धोने का काम करती है। ऐसे में अस्पताल द्वारा मरीज के परिजनों की काफी मदद की। मरीज के उपचार को लेकर 47 हजार रुपए का बिल बना था, जिसे अदा करने के लिए कहा गया। इस दौरान पैसों को लेकर अस्पताल में हंगामा किया गया और बाहर से कुछ लोगों को बुलाकर हंगामा किया। डॉक्टर ने इस सारे आरोपों का खंडन किया है और मरीज को सही सलामत परिजनों के हवाले कर दिया।
इस दौरान अस्पताल द्वारा 47 हजार रुपए की पेमेंट भी माफ कर दी गई और बच्चे को परिजनों के हवाले करके अस्पताल से डिचार्ज कर दिया गया। वहीं मरीज के परिजनों ने कहा कि उनके द्वारा किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं बुलाया गया। मरीज की मां ने कहाकि अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा उनकी काफी मदद की गई। मां ने कहा कि बेटी की हालत काफी खराब थी और 4 दिन से अस्पताल द्वारा उपचार करके उसे ठीक किया गया। वहीं स्टाफ द्वारा कहा गया कि 4 दिन से मरीज के परिजनों से जब ईलाज के लिए पैसे मांगे गए तो उनके द्वारा पास्टर सहित अन्य लोगों को बुला लिया गया। जिसके बाद परिजनों ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि बाहर से कौन लोग आए थे और उन्हें नहीं पता कि उक्त लोगों को हंगामा करने के लिए कौन लेकर आया था।