चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर अपने भवन उपलब्ध करवाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण शीघ्र करवाया जाए। इसके लिए सरकारी भूमि, विद्यालयों में उपलब्ध भूमि तथा अन्य उपयुक्त स्थानों को चिन्हित कर आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण की संभावनाएं तलाशें।
नायब सिंह सैनी शुक्रवार को चंडीगढ़ मे महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। जिन आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किराये के भवनों में हो रहा है, उनके लिए भवन निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन के साथ-साथ विद्यालय परिसरों में उपलब्ध भूमि तथा ऐसी धर्मशालाओं की भी पहचान की जाए, जहां आंगनवाड़ी केंद्र संचालित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करें।

ग्रामीण क्षेत्रों में जन औषधि केंद्रों तथा संबंधित वितरण केंद्रों के माध्यम से स्कूलों में भी इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। शहरी क्षेत्रों में भी जन औषधि केंद्रों और स्कूलों के माध्यम से सैनिटरी पैड उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने आवश्यकतानुसार डिस्पेंसिंग मशीनें लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं एवं किशोरियों को उपलब्ध करवाए जाने वाले सभी उत्पाद गुणवत्ता के मानकों पर खरे होने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस में रह रहे बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने दिव्यांग बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने तथा जो बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ना चाहते हैं, उनकी शिक्षा की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।