जालंधर (Ens): भारत के प्रमुख स्टूडेंट इनोवेशन चैलेंज, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 ने देश भर के हज़ारों युवा इनोवेटर्स को असल दुनिया की चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए एक मंच पर इकट्ठा किया। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में, नेशनल हैकाथॉन का सफ़र ‘गियर अप सीज़न 5’ के साथ शुरू हुआ, जो एसआईएच 2026 के लिए यूनिवर्सिटी का इंटरनल गेटवे है। इसमें एलपीयू के 6,000 से ज़्यादा स्टूडेंट्स ने 900 से ज़्यादा टीमें बनाईं और हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर डोमेन में 200 से ज़्यादा प्रॉब्लम स्टेटमेंट पर काम किया। 36 घंटे तक चले इस हैकाथॉन ने ‘गियर अप’ के सबसे बड़े एडिशन के तौर पर एलपीयू कैंपस में एक बड़े पैमाने पर इंटरनल इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया, जिसके ज़रिए स्टूडेंट टीमों ने एसआईएच सिलेक्शन प्रोसेस से पहले अपने समाधान विकसित और बेहतर किए।

एलपीयू की प्रो-चांसलर डॉ. कर्नल रश्मि मित्तल और आर एम एक्स ग्रुप के चीफ बिजनेस ऑफिसर ग्लोबल, सुधांशु कर्नाटक ने इस पहल का उद्घाटन किया। डॉ. रश्मि मित्तल ने कहा, “एलपीयू का मानना है कि युवा विद्यार्थी तब बेहतर ढंग से विकसित होते हैं जब उन्हें आम सोच से हटकर अपने विचारों को असलियत में बदलने की आज़ादी मिलती है। हम ऐसा माहौल बनाने की कोशिश करते हैं जहाँ जिज्ञासा, रचनात्मकता और प्रयोग करने का साहस छात्रों के अनुभव का अहम हिस्सा बन जाए।”

‘गियर अप सीज़न 5’ ने एलपीयू के बढ़ते इनोवेशन रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जोड़ी है। यह छात्रों को क्लासरूम से बाहर चीज़ें बनाने, उन्हें टेस्ट करने और मुकाबला करने के मौके देने पर लगातार ध्यान देने का नतीजा है। यह यूनिवर्सिटी के ‘एडू-रेवोल्यूशन’ का मुख्य हिस्सा है, जो छात्रों के अनुभव में प्रैक्टिकल अनुभव और एप्लीकेशन को सबसे अहम मानता है। नेशनल हैकाथॉन और टेक्नोलॉजी चुनौतियों से लेकर रिसर्च, स्टार्टअप और छात्रों के प्रोजेक्ट्स तक, एलपीयू ऐसे प्लेटफॉर्म्स का विस्तार कर रहा है जहाँ विचारों को असल समस्याओं के आधार पर परखा जा सके और उन्हें आगे बढ़ाया जा सके।