जालंधर, ENS: केंद्र सरकार के नए हिट एंड रन कानून के खिलाफ ट्रक, डंपर और बस चालक सड़कों पर उतर आए हैं। वहीं पैट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई है। दूसरी ओर कई पंपों पर डीजल खत्म हो गया है तो कहीं पैट्रोल और डीजल दोनों खत्म हो गए है। इस दौरान कई लोगों में पैट्रोल-डीजल ना मिलने को लेकर लोगों में रोष पाया जा रहा है। वहीं मिली जानकारी के मुताबिक रविदास चौंक के पास स्थित पैट्रोल पंप पर पैट्रोल-डीजल दोनों बंद हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार जिन पेट्रोल पंपों पर तेल बचा है, वहां पर लोगों की ज्यादा भीड़ होने के कारण उन्हें बंद कर दिया गया। भीड़ इतनी बढ़ गई है कि पेट्रोल पंपों के बाहर बैरिकेडिंग करनी पड़ रही है। अपने वहानों में लोग दूर-2 से पेट्रोल और डीजल भरवा के लिए एक दूक्का पंपों पर पहुंच रहे हैं।
बता दें कि हड़ताल के कारण सब्जी, पेट्रोल-डीजल जैसी बुनियादी चीजों की सप्लाई करने वाली ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी ठप पड़ती जा रही हैं। देश के अलग-अलग शहरों में लोग परेशान हो रहे हैं। केंद्र सरकार के नए हिट एंड रन कानून के खिलाफ ट्रक, डंपर और बस चालक सड़कों पर उतर आए हैं। सब्जी, पेट्रोल-डीजल जैसी बुनियादी चीजों की सप्लाई करने वाली ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी ठप पड़ती जा रही हैं। देश के अलग-अलग शहरों में लोग परेशान हो रहे हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने वाले लोग घंटों तक बस स्टॉप पर बसों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन नहीं मिल रहा है। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई भी बाधित होने के कारण कई पेट्रोल पंपों में ईंधन खत्म होने की बात सामने आ रही है, जिसके बाद पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन पर ईंधन भरवाने वाले वाहनों की कतारें लग रही हैं।
दरअसल, केंद्र सरकार ने हिट एंड रन को लेकर नए कानून बनाए हैं, जिसके तहत अगर कोई ट्रक या डंपर चालक किसी को कुचलकर भागता है तो उसे 10 साल की जेल होगी। इसके अलावा 7 लाख रुपये जुर्माना भी देना होगा। पहले इस मामले में कुछ ही दिनों में आरोपी ड्राइवर को जमानत मिल जाती थी और वो पुलिस थाने से ही बाहर आ जाता था। हालांकि, इस कानून के तहत भी दो साल की सजा का प्रावधान था। लेकिन नया कानून लागू होने के बाद दोषी को अब दस साल जेल में रहना होगा। ट्रक और डंपर चालक इस कानून का ही विरोध कर रहे हैं। अब तक हादसा होने पर ड्राइवरों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 यानी लापरवाही से वाहन चलाने, 304ए यानी लापरवाही से मौत और 338 यानी जान जोखिम में डालने के तहत केस दर्ज किया जाता रहा है, लेकिन नए कानून में मौके से फरार होने वाले ड्राइवर के खिलाफ 104(2) के तहत केस दर्ज होगा। पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचित ना करने पर उसे 10 साल की कैद के साथ जुर्माना भी देना होगा।
यदि आज शाम तक हड़ताल खत्म न हुई तो प्रदेश के आधे से ज्यादा पेट्रोल पंप सूख जाएंगे। वहीं दूसरी ओर बठिंडा में भी हड़ताल की वजह से पेट्रोल पंपों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यहां प्रदर्शनकारी चालकों ने चेतावनी दी कि अगर उक्त कानून को वापस न लिया गया तो वे अपनी हड़ताल को तीन दिन से बढ़ाकर अनिश्चितकालीन कर देंगे। सुनाम में मंगलवार सुबह से ही लोगों में पेट्रोल और डीजल को लेकर हाहाकार मच गया। यदि जल्द ही हड़ताल खत्म नहीं हुई तो प्रदेश के आधे पेट्रोल पंप ड्राई हो जाएंगे इसी बीच विभिन संगठनों ने हड़ताल को तुरंत खत्म कराने की मांग की है। करियाना मर्चेंट एसोसिएशन के अजय मस्तानी, सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन के जिला प्रतिनिधि वरिंदर कौशिक, किसान नेता दरबारा सिंह, यूथ जैन प्रतिनिधि अविनाश जैन आदि ने कहा कि यदि हड़ताल लंबी खींची तो रोजमर्रा की वस्तुओं की भी किल्लत होगी जिससे आम लोगों के हित प्रभावित होंगे।
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार बंसल ने बताया कि तेल टैंकर चालकों की हड़ताल के कारण पहले दिन ही पेट्रोल पंपों पर असर देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि शाम तक राज्य के सभी पेट्रोल पंप बड़े स्तर पर इससे प्रभावित हो सकते हैं। ऑल पंजाब ट्रक यूनियन के प्रधान हैप्पी संधू ने कहा कि पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत करने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं लेकिन इसका कोई हल नहीं किया गया। इसके चलते सोमवार को यूनियन ने हाईवे जाम कर दिया था। यूनियन ने कहा कि अगर उनकी मांग नहीं पूरी होती तो प्रदर्शन और बड़े स्तर पर लेकर जाया जाएगा।
