नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते हुए तनाव के बीच में तेहरान ने वॉशिंगटन को हमला करने पर स्टोन एज में पहुंचाने की सख्त चेतावनी दी है। ईरानी सांसद इब्राहिम रेजाई ने कहा कि यदि अमेरिका या उसके सहयोगी ईरान पर हमला करते हैं तो जवाब सिर्फ फारस की खाड़ी तक ही सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने यह कहा कि ईरान दुश्मन के सभी सैन्य ठिकानों और जहां से हमला किया जाएगा वहां तक जवाब भी दिया जाएगा। इसी के बीच अब इजरायल की मीडिया ने यह दावा कर दिया है कि अमेरिका इजरायल में अतिरिक्त हवाई ईंधन भरने वाले सैन्य विमानों की तैनाती करने जा रहा है।
दुश्मन के हमले का जवाब खाड़ी क्षेत्र तक नहीं रहेगा सीमित
ईरान की संसद के सदस्य और राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के सदस्य इब्राहिम रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह कहा है कि किसी भी संभावित दुश्मन के हमले का जवाब सिर्फ फारस की खाड़ी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि ईरान दुश्मन के सभी सैन्य अड्डों और जहां से भी हमला होगा वहां तक जवाबी कार्रवाई करेगा।
तेहरान के हमले का दिया जाएगा जवाब
ईरान का शीर्ष नेतृत्व पहले भी साफ हो चुका है। यदि उसके एनर्जी ढांचे, तेल या गैस प्रतिष्ठानों पर हमला किया गया तो जवाब में फारस की खाड़ी क्षेत्र के तेल और गैस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाएगा। तेहरान का यह कहना है कि किसी भी हमले का जवाब उसी स्तर पर दिया जाएगा।
ट्रंप और नेतन्याहू पर साध दिया निशाना
इब्राहिम रेजाई ने इससे पहले यह कहा था कि अमेरिका को यह गलतफहमी है कि वह ईरान पर तेज और विनाशकारी हमला करके दो दिनों के अंदर उसे झुकने पर मजबूर कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह भ्रम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मन में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेत्याहू ने डाला है। उन्होंने पिछले हफ्ते वॉशिंगटन डीसी का दौरा किया था। रेजाई ने चेतावनी देते हुए कहा है कि – यदि ईरान पर हमला किया गया तो हम पूरे क्षेत्र और वहां की सुविधाओं को स्टोन एज में पहुंचा देंगे। आपके हित में यही कहा गया है कि कोई नासमझी वाला कदम न उठाएं।
गुरियन हवाई अड्डे पर तैनात किए जाएंगे विमान
इसी बीच अब एक इजरायली वेबसाइट ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि अमेरिकी सेना यदि कुछ दिनों में इजरायल के लिए पूरे 10 अतिरिक्त हवाई ईंधन भरने वाले सैन्य विमान तैनात करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से ज्यादातर विमान तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर तैनात किए जाएंगे।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये नए विमान उन 30 से ज्यादा अमेरिकी हवाई ईंधन भरने वाले विमानों के साथ शामिल होंगे। पहले से ही बेन गुरियन हवाई अड्डे पर तैनात हैं। इससे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
