अगले शैक्षणिक सत्र से एमएससी और लॉ की कक्षाएं होंगी शुरू, प्रदेश के उत्कृष्ट महाविद्यालयों में होगी हरोली कॉलेज की पहचान : उपमुख्यमंत्री
ऊना, सुशील पंडित: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को 14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय महाविद्यालय हरोली के नए शैक्षणिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। साथ ही, उन्होंने महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन किया।
अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को उनके अपने क्षेत्र में ही आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर आधारभूत ढांचे का विस्तार कर रही है। इसी क्रम में हरोली महाविद्यालय का अत्याधुनिक शैक्षणिक भवन तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह महाविद्यालय प्रदेश के उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।

उन्होंने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से महाविद्यालय में एमएससी तथा लॉ की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। साथ ही महाविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या वर्तमान लगभग 500 से बढ़ाकर अगले वर्ष 1000 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के विकास का अभी पहला चरण पूरा हुआ है और इसके समग्र विकास के लिए भविष्य में भी हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हरोली क्षेत्र में अब तीनों महाविद्यालय अपने-अपने भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा का मजबूत आधार तैयार हुआ है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली महाविद्यालय में वर्तमान में बीए, बीकॉम, बीसीए, बीबीए, बीएससी (मेडिकल एवं नॉन-मेडिकल), एमकॉम तथा राजनीति शास्त्र, अंग्रेजी, इतिहास और हिंदी विषयों में एमए की पढ़ाई संचालित हो रही है। इस शैक्षणिक सत्र से पीजीडीसीए तथा बीएससी कंप्यूटर साइंस की कक्षाएं भी आरंभ की जाएंगी। इसके अतिरिक्त बॉटनी, केमिस्ट्री, फिजिक्स और जूलॉजी विषयों के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूलर विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शैक्षणिक अधोसंरचना, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के विस्तार से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त होगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वर्ष 2017 में इस महाविद्यालय का शिलान्यास किया था, लेकिन पिछली भाजपा सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में भवन निर्माण का कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। वर्तमान सरकार ने इस परियोजना को पूरा कर विद्यार्थियों को समर्पित किया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन से विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप समय-समय पर प्रस्ताव भेजने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक अभाव किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने महाविद्यालय में नियमित एलुमनाई मीट, विद्यार्थियों के लिए एक्सपोज़र विज़िट तथा वार्षिक समारोह में अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया, ताकि शिक्षा के साथ संस्थान और समाज के बीच आत्मीय संबंध और अधिक मजबूत हों। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र कुमार ने मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रंजीत सिंह राणा, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देश राज गौतम, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संदीप अग्निहोत्री, जिला परिषद सदस्य केवल सिंह औजला, सुरेंद्र पाल कौर एवं ज्योति वाला, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

