जमीन पर बिखड़ी तारें, जंगलात विभाग पर लगे लापरवाही के आरोप
जालंधर, ENS: शहर में देर रात अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिला। देर रात तेज आंधी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं सुबह हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया। लेकिन देर रात चली तेज आंधी से डीएवी कॉलेज के पास सेठ हुकम चंद कालोनी के विपरीत इलाके में पेड़ टूटकर बिजली की तारों पर गिर गया। जिससे हाईवोल्टेज बिजली की तारें जमीन पर गिर गई। घटना के दौरान बड़ा हादसा होने से टल गया।
दरअसल, देर रात आवाजाई कम थी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों द्वारा घटना की सूचना बिजली विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची बिजली विभाग की टीम द्वारा सप्लाई बंद करके रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया गया है। ऐसे में बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा जंगलात विभाग पर आरोप लगाए जा रहे है। उनका कहना हैकि घटना के दौरान लोगों से पता चला कि सफेदे का पेड़ कमजोर हो गया था और सफेदे का पेड़ हाईवोल्टेज बिजली की तारों पर गिर गया, जिससे यह हादसा हो गया। अधिकारी ने कहाकि जंगलात विभाग की यह गलती है और वह अभी तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे।
अधिकारी ने कहा कि अगर तारे पेड़ के साथ टच हो जाती है तो जंगलात विभाग उनके साथ विवाद करने लग जाते है।इलाका निवासी जतिन ने कहाकि तेज हवाओं और अंधेरी के कारण सफेदे का पेड़ हाईवोल्टेज तारों पर गिर गया और बिजली की सप्लाई बंद हो गई। व्यक्ति ने कहा कि जंगलात विभाग द्वारा ग्रीन एरिये को लेकर दुकानों के पास अपनी तारें लगा दी है, लेकिन पेड़ों की देखभाल को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इलाके में 150 से 200 घर है और सड़क पर आवाजाई काफी ज्यादा रहती है। ऐसे में अगर पेड़ किसी के घर पर या राहगीर पर गिर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इलाका निवासी ने कहा कि बिजली विभाग की ओर से रिपेयरिंग का काम किया जा रहा है, लेकिन जंगलात विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

