आगराः एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के सामने बनी विवादित मजार को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। सड़क के बीच स्थित इस मजार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, क्योंकि इससे यातायात बाधित होता था और हादसों की आशंका बनी रहती थी। प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। कार्रवाई पुलिस प्रशासन की निगरानी में की जा रही है और मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दरअल, मेट्रो के निर्माण के दाैरान फुटपाथ को छोटा करके सड़क को चौड़ा किया गया था, जिसके बाद से यह मजार सड़क के बीच में आने से यातायात बाधित हो रहा था।
इसको देखते हुए प्रशासन द्वारा मजार वहां से हटाने का निर्णय किया गया था। मंगलवार सुबह नौ बजे से मजार को हटाने का कार्य शुरू किया गया। इस दौरान मौके पर पुलिस मौजूद रही। एसएन इमरजेंसी से नालबंद चौराहे की ओर जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया। बता दें कि मजार को लेकर लंबे समय से विवाद था। इसको लेकर हिंदूवादी नेता की ओर से कोर्ट में वाद दायर किया गया था। प्रशासन का कहना है कि मुस्लिम पक्ष से बात कर सहमति से मजार की शिफ्टिंग की जा रही है। योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष और हिंदूवादी नेता कुंवर अजय तोमर ने अपने अधिवक्ता शिव आधार सिंह तोमर के माध्यम से दोनों मजारों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की मांग को लेकर अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में वाद दायर किया था।
कोर्ट ने PWD के इंजीनियर को भेजा समन न्यायाधीश श्वेत्शा चंद्रा की अदालत ने वाद स्वीकार करते हुए आगरा के जिलाधिकारी, नगर निगम के नगर आयुक्त और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को समन जारी किए थे। इससे पहले 19 जनवरी 2026 को कुंवर अजय तोमर ने धारा 80 सीपीसी के तहत नोटिस भेजकर बीच सड़क बनी मजार और दरगाह पर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि तय समय सीमा बीतने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही नोटिस का जवाब दिया, जिसके बाद उन्हें कोर्ट का रुख करना पड़ा। वादी का कहना था कि उक्त मजार और दरगाह सरकारी भूमि पर बनी हैं और इनके कारण यातायात बाधित होता है, जिससे कई हादसे भी हो चुके हैं।
