डोडाः जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ठठरी क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में मंगलवार तड़के भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से बड़े पैमाने पर तबाही मच गई। पहले धंसती जमीन और फिर बादल फटने की घटनाओं से चर्चा में रहा डोडा जिले का ठठरी कस्बा मंगलवार तड़के एक बार फिर प्रकृति के प्रकोप का गवाह बना। वहीं डोडा जिले के थथरी में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिससे कई घरों, दुकानों और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा तथा डोडा-किश्तवाड़ हाईवे बंद हो गया। राहत की बात यह है कि अब तक इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।
जम्मू-कश्मीर के डोडा में 48 घंटे में तीसरी बार बाढ़ आई है। नीचे दिखाई गई तस्वीरों में डोडा में हुए लैंडस्लाइड से हुए नुकसान का मंजर बयां होता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा जमा होने से लोगों को नुकसान का जायजा लेने के लिए मलबे पर चढ़कर जाना पड़ा। कई वाहन पलट गए, जबकि कई कारें पत्थरों और मिट्टी के नीचे दब गईं। कुछ वाहन पूरी तरह मलबे में धंसे हुए दिखाई दिए। क्षेत्र के तहसीलदार सतीश राणा ने बताया कि देर रात करीब 12 बजे से तेज बारिश शुरू हुई थी। उन्होंने आशंका जताई कि भारी बारिश के साथ शायद बादल फटने जैसी घटना हुई, जिसके कारण बड़ी मात्रा में मलबा और कीचड़ रिहायशी इलाके में आ गया।
तहसीलदार ने कहा, ‘प्रारंभिक जांच के मुताबिक करीब 10 घर और 25 दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कई घरों में कीचड़ और पानी घुस गया है। नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है।’ शमाउद्दीन ने बताया कि कई लोगों के घर और वाहन या तो बह गए हैं या मलबे में दब गए हैं। उनके अनुसार अब तक केवल एसडीएम ही मौके का निरीक्षण करने पहुंचे हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। शमाउद्दीन ने कहा, ‘कई लोगों का सब कुछ बर्बाद हो गया है।
उनके पास रात में ओढ़ने के लिए कंबल तक नहीं हैं। कम से कम उन्हें तुरंत राहत मिलनी चाहिए।’ IMD के मुताबिक, डोडा जिले में 6 जुलाई को भी सामान्य से कहीं अधिक बारिश दर्ज की गई थी। सोमवार को जिले में 26.6 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि इस समय के लिए सामान्य वर्षा 4.1 मिलीमीटर मानी जाती है। IMD के मुताबिक डोडा के अलावा किश्तवाड़, उधमपुर, रियासी, जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में भी सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

