पंचकूलाः हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की विभिन्न भर्तियों से जुड़े करीब 30 से अधिक अभ्यर्थी अपनी लंबित मांगों को लेकर सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। वहीं धरना स्थल पर बैठे अभियर्थियों के अनशन के छठे दिन एक अभियार्थी की तबियत बिगड़ गई। अभियार्थी की पहचान पल्लवी जांगड़ा के रूप में हुई है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मिली जानकारी के अनुसार HPSC में 35% का केटीरिया समापत करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से सरकार और आयोग के समक्ष अपनी मांगें उठाने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है, जिसके चलते उन्हें अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।
धरने पर बैठी अभ्यर्थी पल्लवी, सुमन, रमनदीप और सुरेंद्र कुमार सहित अन्य अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में कथित विसंगतियों को दूर करने और लंबित मामलों के समाधान की मांग कर रहे हैं। इसी बीच 20 जून की रात करीब 12:30 बजे से आमरण अनशन पर बैठी पीजीटी अभ्यर्थी पल्लवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। साथी अभ्यर्थियों ने उन्हें तुरंत सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उनका मेडिकल परीक्षण कर आवश्यक उपचार दिया। स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें विशेषज्ञ परामर्श भी उपलब्ध कराया गया।
वहीं पंचकूला के JJP नेता ओपी सिहाग अभ्यर्थियों को समर्थन के लिए पहुंचे। सिहाग ने बताया कि सरकार आश्वासन के बाद इनसे बातचीत नहीं कर रहे हैं। यह गलत तरीका है, प्रदर्शन के दौरान सीएम आवास पर इन्हें मिलवाया गया था। धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने कहा कि उनकी मांगों का समाधान होने तक आमरण अनशन जारी रहेगा। उनका आरोप है कि लंबे समय से संबंधित विभागों और अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी, कि यदि अनशन के दौरान किसी अभ्यर्थी के स्वास्थ्य, जीवन या सुरक्षा को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। उन्होंने सरकार और HPSC से जल्द हस्तक्षेप कर भर्ती संबंधी विवादों का समाधान करने तथा पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की है।
