लखनऊः विकास नगर में घर-झुग्गी-झोपड़ियों में भीषण आग लगने से भारी नुकसान हुआ है। 10 से ज्यादा सिलेंडर फटने के बाद लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए अनोखे तरीके अपनाए। मिली जानकारी के अनुसार विकासनगर सेक्टर-12 रिंग रोड किनारे अवैध बस्ती में भीषण आग में लापता हुए 6 बच्चों में से आयुषी और स्वाती 2 की मौत की पुष्टि हुई है। प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा, “हमारी पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और आग पर पूरी तरह काबू पाना है। कर्मचारी झोपड़ियों के अंदर जाकर फंसे हुए लोगों को निकाल रहे हैं। घायलों को बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। घटना कैसे हुई, इसके जांच के आदेश दे दिए गए हैं।”
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बच्चों की मौत की जानकारी से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। देखते ही देखते आग ने 1200 झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। झोपड़ियों में रखे 100 के करीब गैस सिलिंडर भी फटे। आग से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। बस्ती में बनी झोपड़ियों से लोग जान बचाकर भागने लगे। 22 दमकल की गाड़ियों ने मिलकर आग बुझाने का काम शुरू किया जो रात 10 बजे तक चलता रहा। आग से 50 के करीब मवेशियों के जिंदा जलने की सूचना है, पर इसकी पुष्टि नहीं हुई। कुछ बच्चे भी लापता हुए। पुलिस व प्रशासन बस्ती में सर्च ऑपरेशन चला रहा है। लोगों का आरोप है कि समय पर पुलिस व दमकल नहीं पहुंची और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। नाराज लोगों की पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से तीखी नोकझोक और धक्का-मुक्की भी हुई।
विकासनगर सेक्टर-12 स्थित मिनी स्टेडियम से कुछ दूरी पर तीन बीघा खाली जमीन पर वर्षों से लोग झोपड़ी बना कर रह रहे थे। रोज की तरह मंगलवार सब कुछ सामान्य था। शाम करीब पांच बजे अचानक एक मस्जिद नुमा झोपड़ी में आग लग। आग देखते ही वहां मौजूद लोगों ने उसको बुझाने की कोशिश की पर नाकाम रहे। आरोप है कि मदद के लिए पुलिस कंट्रोल रूम को फोन लगाया गया, पर कॉल नहीं लगी। कुछ देर के बाद कॉल लगी और सूचना दी गई। मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि सूचना के एक घंटे के बाद पुलिस व दमकल की गाड़ियां पहुंची।
देरी की वजह से आग विकराल रूप ले चुकी थी। एक के बाद एक झोपड़ियां धूं-धूं करके जलने लगीं। बस्ती में लगी आग देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाकर चीखते-चिल्लाते हुए इधर-उधर भागने लगे। सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। आसपास की दुकानें बंद कर दी गई। ट्रैफिक भी रुक गया। मौके पर पहुंची पुलिस व दमकल कर्मियों ने आग का भयानक रूप देखा अधिकारियों को इस बारे में खबर दी। देखते ही देखते पुलिस व प्रशासन के आलाधिकारी और 22 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। भीषण अग्निकांड में जिसे जहां जगह मिली, वह जान बचाने के लिए भागा। इस भगदड़ में 2 परिवार के छह बच्चे लापता हुए थे। पुलिस-प्रशासन बच्चों की तलाश में रात तक जुटा रहा। आसपास के मोहल्लों में भी बच्चों की तलाश की जा रही है।
