India Visit Marco Rubio: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच रक्षा, व्यापार, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। रूबियो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण भी दिया।
रक्षा, व्यापार और तकनीक पर हुई अहम चर्चा
पीएम मोदी और मार्को रूबियो के बीच हुई बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, व्यापारिक संबंधों और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने को लेकर बातचीत हुई। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और अमेरिका मिलकर वैश्विक शांति, स्थिरता और विकास के लिए काम करते रहेंगे।
Happy to receive the US Secretary of State, Mr. Marco Rubio.
We discussed sustained progress in the India-US Comprehensive Global Strategic Partnership and issues related to regional and global peace and security.
India and the United States will continue to work closely for… pic.twitter.com/CuD0DdDXB7
— Narendra Modi (@narendramodi) May 23, 2026
पीएम मोदी ने जताई खुशी
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मार्को रूबियो के साथ अपनी तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा कि अमेरिकी विदेश मंत्री का स्वागत कर उन्हें खुशी हुई।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में हो रही प्रगति की समीक्षा की। साथ ही क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया की भलाई के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने क्या कहा?
सर्जियो गोर ने भी इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका की साझेदारी दोनों देशों को मजबूत बनाती है और एक स्वतंत्र एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने में मदद करती है। उनके अनुसार भारत, अमेरिका का एक बेहद महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार है।
कोलकाता से शुरू हुआ रूबियो का भारत दौरा
मार्को रूबियो की भारत यात्रा की शुरुआत पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से हुई। यहां उन्होंने मदर टेरेसा हाउस ऑफ मिशनरीज ऑफ चैरिटी पहुंचकर नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मदर टेरेसा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनके दौरे को देखते हुए कोलकाता में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। विक्टोरिया मेमोरियल और शहर के अन्य महत्वपूर्ण इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। इस दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी उनके साथ मौजूद रहे।
पहली बार भारत आए मार्को रूबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री बनने के बाद मार्को रूबियो पहली बार भारत के दौरे पर आए हैं। उनका यह चार दिवसीय दौरा भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोलकाता पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। कोलकाता में कार्यक्रमों के बाद वह नई दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की और कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।
व्हाइट हाउस आने का दिया निमंत्रण
नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान मार्को रूबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया। माना जा रहा है कि आने वाले समय में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच उच्चस्तरीय बातचीत और सहयोग को और गति मिल सकती है।
लगातार मजबूत हो रहे हैं भारत-अमेरिका संबंध
पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष सहयोग और हिंद-प्रशांत रणनीति जैसे क्षेत्रों में तेजी से साथ काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मार्को रूबियो की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती दे सकती है। रक्षा, तकनीक और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में भविष्य में कई नए समझौते और साझेदारियां देखने को मिल सकती हैं।
भारत-अमेरिका साझेदारी को मिलेगी नई दिशा
मार्को रूबियो का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और अमेरिका कई वैश्विक चुनौतियों पर मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों देश आर्थिक विकास, सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर अपने सहयोग को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे में रूबियो की यह भारत यात्रा आने वाले वर्षों में भारत-अमेरिका संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने तथा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
