Dharam News : अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। शनिवार को पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले बाबा बर्फानी के हिम शिवलिंग की पहली तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लगभग 6 से 7 फीट ऊंचा शिवलिंग आकार ले चुका है। सबसे पहले वहां सुरक्षा में तैनात जवानों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होगी और 9 अगस्त 2026 तक चलेगी। श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।
पिछले साल 7 फीट ऊंचा था हिम शिवलिंग
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में अमरनाथ गुफा में बना प्राकृतिक हिम शिवलिंग लगभग 7 फीट ऊंचा था। इस बार भी शिवलिंग का आकार तेजी से बढ़ रहा है और यात्रा शुरू होने तक इसके और बड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।
यात्रा मार्ग पर अब भी जमी है भारी बर्फ
अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों पर अभी भी काफी मात्रा में बर्फ मौजूद है। सामान्य क्षेत्रों में 6 से 8 फीट तक बर्फ जमी हुई है, जबकि हिमस्खलन प्रभावित इलाकों में बर्फ की मोटाई 10 से 12 फीट तक पहुंच रही है।
सीमा सड़क संगठन (BRO) लगातार बर्फ हटाने का काम कर रहा है। अब तक बालटाल मार्ग पर लगभग 9 किलोमीटर और नुनवान-पहलगाम मार्ग पर करीब 8 किलोमीटर ट्रैक से बर्फ हटाई जा चुकी है। इसके साथ ही रास्तों को 12 फीट चौड़ा करने, सड़क की सतह मजबूत बनाने, रिटेनिंग वॉल और कल्वर्ट तैयार करने का काम भी तेजी से चल रहा है।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
इस बार अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था पहले से ज्यादा बेहतर की जा रही है। बेस कैंप में पारंपरिक टेंटों की जगह प्री-फैब्रिकेटेड और फाइबर से बने आधुनिक ढांचे तैयार किए जा रहे हैं।
इन संरचनाओं में अचानक मौसम बदलने, तेज बारिश और तापमान गिरने जैसी परिस्थितियों से बेहतर सुरक्षा मिलेगी। हर इमारत में 48 कमरे बनाए गए हैं और प्रत्येक कमरे में अटैच्ड वॉशरूम की सुविधा होगी। इसके अलावा गर्म और ठंडे पानी की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।
हर इमारत में होगी पैंट्री सुविधा
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर भवन में पैंट्री की भी व्यवस्था की जा रही है। इन आधुनिक सुविधाओं के निर्माण का काम करीब तीन साल पहले शुरू हुआ था, जो अब लगभग पूरा होने की स्थिति में है।
संवेदनशील इलाकों में नहीं लगाए जाएंगे कैंप
यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने इस बार कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। जिन स्थानों पर बाढ़, बादल फटने या अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा रहता है, उन्हें “नो-एंट्री जोन” घोषित किया गया है।
बालटाल और नुनवान दोनों मार्गों को पहले से ज्यादा चौड़ा किया गया है और पुलों को भी मजबूत बनाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संवेदनशील या जोखिम वाले क्षेत्र में कैंप नहीं लगाए जाएंगे।
3.6 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 3.6 लाख से अधिक लोग यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। हालांकि यात्रा मार्गों पर अभी भी कई स्थानों पर 10 से 12 फीट तक बर्फ मौजूद है, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि 15 जून तक दोनों मार्ग पूरी तरह से यात्रा के लिए तैयार कर दिए जाएंगे।
दो मार्गों से शुरू होगी यात्रा
इस साल यात्रा 3 जुलाई से दो प्रमुख मार्गों—बालटाल-सोनमर्ग मार्ग और पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग—से शुरू होगी। यात्रा की अवधि 57 दिनों की होगी और इसका समापन रक्षा बंधन तथा सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर होगा।
ग्रुप रजिस्ट्रेशन हुए बंद
यात्रा के लिए 5 से 30 लोगों के समूहों का पंजीकरण बंद कर दिया गया है। हालांकि, अकेले यात्रियों और छोटे समूहों के लिए सीटें उपलब्ध रहने तक रजिस्ट्रेशन जारी रहेगा।
इन बैंकों के जरिए हो रहा है रजिस्ट्रेशन
श्रद्धालु पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक की निर्धारित शाखाओं के माध्यम से यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकते हैं।
इस साल 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
अधिकारियों का मानना है कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 5 लाख का आंकड़ा पार कर सकती है। पिछले वर्ष 2025 में लगभग 4.14 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे, जबकि 2024 में यह संख्या 5.10 लाख से अधिक रही थी। अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
