Delayed Marriage Reasons: कई लोगों को शादी में देरी होने की वजह से चिंता और तनाव होने लगता है। कभी-कभी रिश्ता बनते-बनते रुक जाता है या बात आगे नहीं बढ़ पाती। ज्योतिष के अनुसार, इसके पीछे कुंडली में ग्रहों और भावों की स्थिति जिम्मेदार हो सकती है। ऐसे में परेशान होने के बजाय कारण समझना और सही उपाय करना ज्यादा फायदेमंद होता है। आइये इसे विस्तार से जानते हैं…
विवाह में देरी के ज्योतिषीय कारण
- सातवां भाव कमजोर होना
ज्योतिष में कुंडली का सातवां भाव विवाह का भाव माना जाता है।
- अगर इस भाव में अशुभ (क्रूर) ग्रह जैसे शनि, मंगल, राहु या केतु बैठे हों
- या इन ग्रहों की दृष्टि इस भाव पर पड़ रही हो
तो शादी में देरी हो सकती है और रिश्ते बनते-बनते टूट भी सकते हैं।
- शनि का प्रभाव
- अगर शनि ग्रह सातवें भाव में हो
- या सातवें भाव के स्वामी पर शनि की दृष्टि हो
तो विवाह में देर होने की संभावना बढ़ जाती है।
- शुक्र, गुरु और मंगल की खराब स्थिति
- ये तीनों ग्रह विवाह में महत्वपूर्ण माने जाते हैं
- अगर ये कमजोर या प्रतिकूल स्थिति में हों
- या अस्त (कमजोर) अवस्था में हों
तो शादी में देरी हो सकती है, खासकर पुरुषों के मामले में।
- मांगलिक दोष (मंगल दोष)
अगर कुंडली में मंगल इन भावों में हो
- पहला
- चौथा
- सातवां
- आठवां
- बारहवां
तो इसे मांगलिक दोष कहा जाता है। इससे शादी में देरी होती है। शादी के बाद झगड़े भी हो सकते हैं। ऐसे लोगों को मांगलिक व्यक्ति से ही विवाह करने की सलाह दी जाती है, जिससे दोष का असर कम हो जाता है।
- सातवें भाव का स्वामी वक्री होना
- अगर सातवें भाव का स्वामी ग्रह वक्री (retrograde) हो
- तो विवाह में देरी होती है
ऐसे लोगों की शादी अक्सर 30 साल के बाद होती है।
विवाह में देरी के उपाय
- शनि से जुड़े उपाय
अगर शनि के कारण देरी हो रही है:
- शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं
- पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
- गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करें
- गुरु ग्रह को मजबूत करना
गुरु मजबूत होने से विवाह के योग अच्छे बनते हैं। इसके लिए:
- पीली चीजों का दान करें जैसे:
- केला
- हल्दी
- चना
- पीले कपड़े
- सातवें भाव के अनुसार उपाय
अगर सातवां भाव कमजोर है:
- उस भाव से जुड़े ग्रह की शांति के उपाय करें
- जैसे जिस ग्रह का प्रभाव हो, उसके अनुसार पूजा या दान करें
- ज्योतिषाचार्य से सलाह लें
अगर लंबे समय से शादी में बाधा आ रही है। किसी अनुभवी ज्योतिषी से अपनी कुंडली दिखाएं। सही मार्गदर्शन से समस्या का समाधान मिल सकता है।
