अमृतसरः 328 पावन स्वरूपों के मामले की जांच के लिए गठित की गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के चेयरमैन डीआईजी नानक सिंह के नेतृत्व में टीम ने आज अमृतसर में गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब और श्री गुरु ग्रंथ साहिब भवन का दौरा किया। इस दौरान 3 घंटे तक चली जांच में टीम ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों की छपाई, संभाल और संगत को सौंपने की संपूर्ण प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया। जांच के दौरान एसआईटी ने यह भी देखा कि पावन स्वरूपों की छपाई किस तरीके से की जाती है।
छपाई के बाद उन्हें कहां और कैसे सुरक्षित रखा जाता है और संगत को पावन स्वरूप जारी करने की प्रक्रिया कैसे अमल में लाई जाती है। इसके साथ ही भेंट जमा करवाने और स्वरूप सौंपने से संबंधित प्रबंधों का भी जायजा लिया गया। एसआईटी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मौजूदा पदाधिकारियों से विस्तृत बातचीत की और पावन स्वरूपों की छपाई और वितरण से संबंधित रिकॉर्ड भी हासिल किया। डीआईजी नानक सिंह ने बताया कि एसजीपीसी द्वारा एसआईटी की मांग के अनुसार जरूरी रिकॉर्ड लगातार मुहैया करवाया जा रहा है और जांच इसी रिकॉर्ड के आधार पर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि मामले में नामजद व्यक्तियों से पूछताछ की जा चुकी है। इसके अलावा उस समय के पदाधिकारियों और मौजूदा पदाधिकारियों से भी औपचारिक और अनौपचारिक तौर पर पूछताछ की गई है। जांच के हर पहलू को बारीकी से परखा जा रहा है ताकि किसी भी तथ्य को अनदेखा न छोड़ा जाए। डीआईजी नानक सिंह ने बताया कि एसआईटी की जांच अब काफी एडवांस चरण पर पहुंच चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच को जल्द तर्कसंगत और ठोस नतीजे तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईटी द्वारा जब भी किसी दस्तावेज या रिकॉर्ड की मांग की जाती है तो शिरोमणि कमेटी द्वारा उसमें पूरा सहयोग दिया जा रहा है।

