कोलकाताः भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है जबकि वह सफेद गेंद के प्रारूपों में खेलते रहेंगे। अपने 13 साल के टेस्ट कैरियर में शमी ने 64 मैचों में 229 विकेट लिए और भारत के लिए वह पारंपरिक प्रारूप में छठे सबसे सफल तेज गेंदबाज रहे। उनसे अधिक विकेट कपिल देव (434), जहीर खान, ईशांत शर्मा (दोनों 311), जवागल श्रीनाथ (236) और जसप्रीत बुमराह (234) ने लिए हैं।
36 वर्ष के शमी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से भारतीय टीम से बाहर हैं। उन्होंने शुक्रवार को देर रात इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि मैं सफेद जर्सी छोड़ रहा हूं लेकिन इससे जुड़ी यादों को नहीं। जब मैंने पहली बार भारत की जर्सी पहनी थी तो एक ही सपना था, देश के लिए खेलना। हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है।
उन्होंने आगे लिखा कि टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए एक प्रारूप ही नहीं बल्कि मेरे जीवन का खास हिस्सा है। मैं आज भारी मन से असंख्य खूबसूरत यादों के साथ टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले स्थित अपने गांव साहसपुर अलीनगर में अपने फार्महाउस से जारी वीडियो में शमी ने अपने टेस्ट कैरियर की यादें भी ताजा की। उन्होंने कहा कि यह 13 साल लंबा सफर रहा। इस गांव से शुरूआत हुई, मैंने काफी मेहनत की, कई उतार चढ़ाव देखे और छह नवंबर को ही मुझे टेस्ट कैप और लाल गेंद मिली थी।
शमी ने आगे कहा कि इस प्रारूप ने एक क्रिकेट के रूप में उन्हें पहचान दी। उन्होंने कहा कि काफी मेहनत के बाद मुझे यह कैप मिली। मैंने इस सफर के 13 साल पूरे किए। कैप और लाल गेंद ने मुझे मोहम्मद शमी बनाया। लेकिन मैंने इस कैप और गेंद के लिए हर बार वापसी की। इस दौरान शमी ने अपने कोचों, ट्रेनर और प्रशंसकों को भी धन्यवाद किया।
