नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह अपने बेटे डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह अपने बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की शादी में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात और सरकारी जिम्मेदारियों को बताया है। ट्रंप ने कहा कि मौजूदा समय में उनका व्हाइट हाउस में रहना ज्यादा जरुरी है हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि आखिर कौन सी परिस्थितियां उन्हें शादी में जाने से रोक जा रही है।
ट्रुथ सोशल पर किया ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा कि – मैं अपने बेटे डॉन जूनियर और ट्रंप परिवार की नई सदस्य बनने जा रही बेटिन एंडरसन के साथ रहना चाहता था लेकिन सरकार से जुड़ी परिस्थितियों और अमेरिका के प्रति मेरा प्यार मुझे ऐसा करने की अनुमति नहीं देते। मुझे लगता है कि इस जरुरी समय में वॉशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में रहना जरुरी है। डॉन और बेटिना एंडरसन के साथ रहना चाहता था लेकिन सरकार से जुड़ी परिस्थितियां और अमेरिका के प्रति मेरा प्यार मुझे ऐसा करने की अनुमति नहीं देते है। मुझे लगता है कि इस महत्वपूर्ण समय में वॉशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में रहना जरुरी है। डॉन और बेटिना को शुभकामनाएं।
यह सही समय नहीं
व्हाइट हाउस में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उनके बेटे की शादी का समय अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके कारण वजह ईरान और कुछ अन्य मुद्दे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप शुक्रवार शाम न्यूयॉर्क में एक भाषण देने के बाद सीधे व्हाइट हाउस लौट सकते हैं। पहले उनका कार्यक्रम न्यू जर्सी में स्थित अपने गोल्फ क्लब में हफ्ते के अंत में बिताने और रविवार को खत्म करने का था। डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और बेटिना एंडरसन की शादी बहामास में होने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार, यह एक निजी समारोह होगा जिसमें परिवार और करीबी दोस्तों के चुनिंदा लोग ही शामिल होंगे।
ईरान को लेकर बढ़ा तनाव
पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने मंगलवार को ईरान पर नए सैन्य हमले शुरु करने पर विचार किया था लेकिन मध्य पूर्व के साथी देशों के कहने पर उन्होंने योजना टाल दी ताकि बातचीत आगे बढ़ पाए। बाद में ट्रंप ने मीडिया से कहा था कि अगला हमला शुक्रवार या शनिवार को या फिर अगले हफ्ते की शुरुआत में हो सकता है।
क्यूबा के खिलाफ होगी सैन्य कार्रवाई
ईरान के अलावा क्यूबा को लेकर भी अमेरिका में चर्चाएं तेज हो गई है। पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन के कुछ अधिकारियों को लग रहा है कि क्यूबा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का ऑप्शन भी अमेरिका के सामने मौजूद है।
