जालंधर, ENS: मनी लांड्रिंग केस को लेकर आज दोबारा ईडी ऑफिस अधिकारियों के समक्ष फरीदकोट से कांग्रेस के पूर्व एमएलए किक्की ढिल्लों पेश हुए है। हाल ही में किक्की ढिल्लों से ईडी टीम द्वारा 9 घंटे तक पूछताछ की गई थी। जिसके बाद आज वह दस्तावेज लेकर दोबारा ईडी दफ्तर पहुंचे है। दरअसल, किक्की ढिल्लों के खिलाफ मई 2023 में विजिलेंस ब्यूरो ने केस दर्ज किया था। जिसके बाद उनको अरेस्ट किया गया था। इसी मामले को लेकर जालंधर ईडी अधिकारियों ने किक्की ढिल्लों के लिए सवालों की लिस्ट तैयार की थी। इसके मुताबिक उनसे पूछताछ की गई थी।
पिछली बार ईडी समक्ष पेश होने के बाद ढिल्लों ने कहा था कि अभी उनका मामला कोर्ट में चल रहा है, इसलिए वह इस पर कुछ ज्यादा नहीं बता पाएंगे। जालंधर ईडी ने आय से संबंधित कुछ डॉक्यूमेंट मांगे थे, जो उनको सौंप दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत की न्याय व्यवस्था पर उनको पूरा भरोसा है। उनको विश्वास है कि कोर्ट से उनको इंसाफ मिलेगा। बता दें कि विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई जांच में आरोप लगे थे कि साल 2017 से 2022 तक किक्की ढिल्लों द्वारा 10.72 करोड़ खर्च किया गया था, जबकि आमदनी 3.18 करोड़ थी। कहा जा रहा है कि उस समय 7.53 करोड़ के स्रोत का किक्की ढिल्लों जवाब नहीं दे पाए थे। इस मामले को लेकर विजिलेंस ब्यूरो इस मामले में चार्जशीट फाइल कर चुकी है। उक्त मामला अदालत में लंबित है।
विजिलेंस के प्रवक्ता ने बताया कि ब्यूरो द्वारा उनकी सभी चल और अचल संपत्तियों का आंकलन करने के लिए 01-04-2017 से 31-03-2022 तक 5 साल की जांच अवधि निर्धारित की गई थी। जांच में पता चला कि पूर्व विधायक ने आय से अधिक संपत्ति बनाई थी और गांव मुमरा, तहसील सादिक, जिला फरीदकोट में अन्य व्यक्तियों के नाम पर संपत्ति खरीदी थी। जांच में यह भी पाया गया कि उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों का लगभग 245% ज्यादा खर्च किया। विजिलेंस ने किक्की ढिल्लों के साथ-साथ उनके 2 साथियों फरीदकोट जिला निवासी गुरसेवक सिंह व जिला फिरोजपुर के गांव नानकसर शहीद निवासी राजविंदर सिंह पर भी भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था।
