शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड पुरोहित कोर्स की कक्षाएं आरम्भ करने पर विचार किया जाएगा। इसके तहत डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स आरम्भ किए जाएंगे। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सामंजस्य और भाईचारे से ही आदर्श समाज का निर्माण संभव है क्योंकि इससे सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है। वर्तमान में प्रदेश में संचालित 222 गौ सदनों व गौ अभयारण्यों में 23018 गौवंश को आश्रय प्रदान किया गया है।

सात गौ सदनों व अभयारण्यों का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर 2200 से 2500 बेसहारा गौवंश को आश्रय प्रदान किया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के समग्र विकास के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय से अनेक पहल की जा रही हैं।सरकारी अस्पतालों में नैदानिक जांच सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने ई-निविदा के माध्यम से निजी क्षेत्र की कम्पनी करसना डायग्नोसटिक्स के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 63, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 96, नागरिक अस्पतालों में 110 तथा जोनल व क्षेत्रीय अस्पतालों में 133 प्रयोगशालाएं जांच रोगियों के लिए निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जिला मण्डी में त्रिवेणी धाम रिवालसर की परिक्रमा की क्षतिग्रस्त एवं गिरने के खतरे वाली चारदीवारी के पुनर्निर्माण के लिए 1.28 करोड़ रुपये का प्राकलन तैयार किया गया है। उन्हांेने डॉ. वाई.एस. परमार ऋण योजना, सीबीएसई पाठ्यक्रम विद्यालय सहित विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। सचिव सामान्य प्रशासन आशीष सिंहमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बोर्ड की कार्यप्रणाली से अवगत करवाया। विशेष सचिव हरबंस सिंह ब्रसकोन ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।