चंडीगढ़, 20 अप्रैल 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने राज्य की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में एक अहम घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पंजाब में जल्द ही एक आधुनिक “हॉर्टिकल्चर एक्सपीरियंस एंड लर्निंग सेंटर” स्थापित किया जाएगा, जिसे World Horti Center के मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
यह घोषणा मुख्यमंत्री के नीदरलैंड दौरे के बाद सामने आई है, जहां उन्होंने विश्व स्तर के कृषि और हॉर्टिकल्चर संस्थानों का दौरा कर आधुनिक खेती के तरीकों का अध्ययन किया।
नीदरलैंड से सीखे आधुनिक खेती के मॉडल
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीदरलैंड के वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर (WHC), वेस्टलैंड का दौरा किया, जो ग्रीनहाउस खेती और आधुनिक कृषि नवाचारों का वैश्विक केंद्र माना जाता है। यहां उन्होंने देखा कि कैसे तकनीक, रिसर्च, शिक्षा और उद्योग के बीच तालमेल बनाकर पारंपरिक खेती को एक उच्च उत्पादक और टिकाऊ प्रणाली में बदला गया है।

उन्होंने बताया कि ग्रीनहाउस और नियंत्रित वातावरण वाली खेती से फसल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, साथ ही पानी की खपत कम होती है और कीटनाशकों पर निर्भरता भी घटती है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन तकनीकों को अपनाकर पंजाब के किसान पानी की अधिक खपत वाली फसलों से बाहर निकल सकते हैं और अधिक लाभकारी खेती की ओर बढ़ सकते हैं।
AI, ऑटोमेशन और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान
भगवंत मान ने कहा कि नीदरलैंड में कृषि क्षेत्र में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रिसिजन इरिगेशन का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इन तकनीकों के माध्यम से पौधों की वृद्धि को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जाता है और संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि वहां जल प्रबंधन के उन्नत तरीके अपनाए जाते हैं, जैसे वर्षा जल संचयन, सिंचाई के पानी का पुन: उपयोग और नियंत्रित पोषक तत्व वितरण प्रणाली। इन उपायों से जल संकट जैसी समस्याओं से निपटने में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में भी इन तकनीकों को लागू करने के लिए संभावित सहयोग और तकनीकी साझेदारी पर चर्चा हुई है और इस दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने Keukenhof का भी दौरा किया, जो दुनिया के सबसे प्रसिद्ध फ्लोरीकल्चर स्थलों में से एक है।
उन्होंने बताया कि यहां हर साल लगभग 70 लाख फूलों के बल्ब लगाए जाते हैं, जो एक निश्चित समय अवधि में खिलते हैं। यह पूरा सिस्टम बेहद संगठित और वैज्ञानिक तरीके से संचालित किया जाता है। लगभग 32 हेक्टेयर में फैला यह मॉडल उत्पादन, पर्यटन और वैश्विक मार्केटिंग का एक बेहतरीन उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पंजाब को फ्लोरीकल्चर क्लस्टर विकसित करने, निर्यात बढ़ाने और एग्री-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण सीख मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित हॉर्टिकल्चर सेंटर किसानों, शोध संस्थानों, उद्योगों और सरकारी एजेंसियों को एक मंच पर लाएगा। इससे किसानों को नई तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा और वे पारंपरिक खेती से हटकर नई और लाभकारी फसलों की ओर बढ़ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब को पानी की अधिक खपत वाली फसलों के चक्र से बाहर निकलना होगा और इसके लिए आधुनिक और टिकाऊ कृषि मॉडल अपनाना जरूरी है।
निवेश और वैश्विक साझेदारी को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा पंजाब को अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा। उन्होंने राज्य की इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पॉलिसी (IBDP) 2026 को प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह निवेशकों को लचीले प्रोत्साहन और बेहतर कारोबारी माहौल प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब का लक्ष्य तकनीक आधारित साझेदारी विकसित करना, ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़ाना और राज्य को एक आधुनिक, नवाचार-आधारित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कृषि केंद्र बनाना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि नीदरलैंड से प्राप्त अनुभव पंजाब के कृषि क्षेत्र को नई दिशा देंगे। प्रस्तावित हॉर्टिकल्चर सेंटर से नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, उत्पादकता में सुधार होगा और किसानों को अधिक आय के अवसर मिलेंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल पंजाब को टिकाऊ, आधुनिक और विविधीकृत कृषि प्रणाली की ओर ले जाएगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी और किसानों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
