शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार देर सायं तकनीकी शिक्षा विभाग के ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल का शुभारंभ किया। यह अपनी तरह का पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य छात्रों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों और रोजगारदाताओं को एकीकृत प्रणाली के माध्यम से जोड़कर हिमाचल प्रदेश में प्लेसमेंट और भर्ती प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाना है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए एक मजबूत व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। तकनीकी रोजगार सेतु पोर्टल युवाओं और उद्योगों के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य करेगा तथा तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह पोर्टल एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्र अपनी प्रोफाइल, अपनी कौशल क्षमताओं का प्रदर्शन, प्रशिक्षण एवं प्रमाणपत्रों का विवरण अपलोड कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त रोजगार के अवसर, ऑनलाइन आवेदन तथा अपने प्लेसमेंट की स्थिति की निगरानी कर सकेंगे। यह पहल छात्रों को रोजगार के अवसरों और उद्योगों की आवश्यकताओं तक सीधी पहुंच प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाएगी।

नियोक्ता भी इस पोर्टल पर पंजीकरण, रिक्त पदों की जानकारी साझा कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त पात्र उम्मीदवारों की प्रोफाइल देखकर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे तथा सफल नियुक्तियों की जानकारी विभाग को उपलब्ध करवा सकेंगे। यह एकीकृत प्रणाली नियोक्ताओं और नौकरी के इच्छुक युवाओं के बीच पारदर्शी एवं प्रभावी संवाद सुनिश्चित करेगी तथा भर्ती प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी को कम करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पोर्टल पर 164 संस्थान पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें 136 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, 18 पॉलिटेक्निक संस्थान, 5 इंजीनियरिंग कॉलेज तथा 5 फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हिम एक्सेस इंटीग्रेशन पोर्टल के माध्यम से अब तक 26,168 छात्रों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 23,054 छात्रों की कौशल मैपिंग पूरी हो चुकी है। इसके अतिरिक्त अब तक 97 नियोक्ता भी इस पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर जैसे कुशल श्रमिकों की सेवाएं अल्प अवधि के कार्यों के लिए भी प्राप्त की जा सकेंगी तथा ऐसे कुशल श्रमिक भी इस प्लेटफॉर्म पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी शिक्षण संस्थान इस पोर्टल के माध्यम से छात्रों का डेटा प्रबंधन, प्रोफाइल अनुमोदन तथा प्लेसमेंट परिणामों की निगरानी कर सकेंगे। इससे संस्थानों को छात्रों का रिकॉर्ड बनाए रखने और संभावित नियोक्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायता मिलेगी। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन को मजबूत बनाने और युवाओं के लिए सार्थक रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग कर रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि तकनीकी रोजगार सेतु पोर्टल उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा, युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा तथा कुशल युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक विश्वसनीय मंच साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को कुशल मानव संसाधन का केंद्र बनाने तथा राज्य के युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं सुशासन विभाग के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
